क्रिकेट के मैदान पर उम्र की सीमाओं को तोड़ते हुए, एक 15 वर्षीय युवा खिलाड़ी ने ऐसी विस्फोटक पारी खेली जिसने अनुभवी दिग्गजों को भी दांतों तले उंगलियां दबाने पर मजबूर कर दिया। दरअसल यह कारनामा राजस्थान रॉयल्स के युवा सितारे वैभव सूर्यवंशी ने एलिमिनेटर मुकाबले में अंजाम दिया, जहाँ उन्होंने मात्र 28 गेंदों में 97 रनों की तूफानी पारी खेलकर क्रिकेट जगत में सनसनी मचा दी। उनकी यह पारी क्रिस गेल के सबसे तेज शतक के रिकॉर्ड को तोड़ने से बस चंद कदमों की दूरी पर रह गई, और इस असाधारण प्रदर्शन ने वीरेंद्र सहवाग जैसे महान खिलाड़ी को भी उनकी प्रतिभा का लोहा मानने पर विवश कर दिया।
दरअसल क्रिकेट प्रेमियों ने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि इंडियन प्रीमियर लीग में एक सीजन में सर्वाधिक छक्के लगाने का क्रिस गेल का 15 साल पुराना रिकॉर्ड कोई 15 वर्षीय खिलाड़ी ध्वस्त कर देगा। बुधवार को हुए एलिमिनेटर मैच में वैभव सूर्यवंशी ने वाकई इतिहास रच दिया, जब उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से विपक्षी टीम के गेंदबाजों को घुटनों पर ला दिया। वह 28 गेंदों में 97 रनों पर खेल रहे थे और अगर अगली गेंद पर एक चौका भी जड़ देते तो सबसे तेज शतक का विश्व रिकॉर्ड उनके नाम दर्ज हो जाता। हालांकि, बदकिस्मती से वह कैच आउट हो गए, लेकिन उनकी यह पारी किसी शतक से कम नहीं थी। इस रोमांचक मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स ने सनराइजर्स हैदराबाद को 47 रनों के बड़े अंतर से हराकर क्वालीफायर-2 में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली। वैभव के इस बेमिसाल प्रदर्शन पर वीरेंद्र सहवाग ने एक बड़ा बयान दिया है, जिसने क्रिकेट गलियारों में हलचल मचा दी है।
कैसे आउट हुए वैभव सूर्यवंशी?
वहीं जिस गेंद पर वैभव सूर्यवंशी आउट हुए, वह एक बाउंसर थी। युवा बल्लेबाज को गेंद को पढ़ने में कोई समस्या नहीं हुई, उन्होंने इसे थर्डमैन के ऊपर से मारना चाहा, लेकिन गेंद को पर्याप्त दूरी नहीं मिल पाई और वह दुर्भाग्यवश कैच आउट हो गए। इस पारी में उन्होंने 29 गेंदों का सामना करते हुए 12 गगनचुंबी छक्के और 5 शानदार चौकों की मदद से 97 रन बनाए। इस धमाकेदार प्रदर्शन के साथ ही उन्होंने ऑरेंज कैप भी अपने नाम कर ली है। जब वह आउट हुए, तब राजस्थान रॉयल्स का स्कोर 8 ओवर में 125 रन था, और ऐसा प्रतीत हो रहा था कि टीम आसानी से 270-280 रन तक पहुंच जाएगी।
मैंने ऐसी बल्लेबाजी नहीं देखी: वीरेंद्र सहवाग
वैभव सूर्यवंशी को लेकर वीरेंद्र सहवाग ने स्टार स्पोर्ट्स पर अपनी बात रखते हुए कहा, “मैंने ऐसी बल्लेबाजी नहीं देखी। मैंने भी भारत के लिए एकदिवसीय मैचों में सबसे तेज शतक बनाए हैं, लेकिन इस लड़के ने आज जो बल्लेबाजी की है, कोई सोच भी नहीं सकता था कि क्रिस गेल के 59 छक्कों का रिकॉर्ड एक 15 साल का बच्चा तोड़ेगा। अगर मैं सिलेक्टर होता तो अभी वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टीम में डाल देता।” सहवाग के इन शब्दों से वैभव की प्रतिभा और क्षमता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
सुरेश रैना ने भी जमकर तारीफ की
‘मिस्टर आईपीएल’ के नाम से मशहूर सुरेश रैना ने भी युवा बल्लेबाज की जमकर तारीफ की। रैना ने कहा, “आज तो वैभव सूर्यवंशी ने लकड़ी के टुकड़े से लोहे जैसा मारा है। क्रिस गेल के छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ा, बहुत शानदार बल्लेबाजी की। चारों तरफ छक्कों की बरसात, और राजस्थान रॉयल्स के लिए क्या शानदार पॉवरप्ले रहा। दुर्भाग्य से आउट हो गए, नहीं तो सबसे तेज शतक भी बन सकता था।” रैना के ये शब्द वैभव की बल्लेबाजी की विध्वंसक प्रकृति को दर्शाते हैं।
इस सीजन में वैभव 15 पारियों में कुल 680 रन बना चुके हैं, जिसमें एक शानदार शतक और चार अर्धशतक शामिल हैं। उन्होंने ऑरेंज कैप पर कब्जा कर लिया है और वह दूसरे नंबर पर मौजूद साईं सुदर्शन से 28 रन आगे हैं। अब राजस्थान रॉयल्स का सामना क्वालीफायर-2 में गुजरात टाइटंस से होगा, जो रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से पहला क्वालीफायर हारकर आ रही है। वैभव का यह प्रदर्शन निश्चित रूप से आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट के लिए एक उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।






