टी20 वर्ल्ड कप 2026 में जिम्बाब्वे का विजय रथ रुकने का नाम नहीं ले रहा है। ऑस्ट्रेलिया जैसी दिग्गज टीम को धूल चटाने के बाद अब सिकंदर रजा की सेना ने श्रीलंका को उसी के घरेलू मैदान पर 6 विकेट से करारी शिकस्त दी है। कोलंबो में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में जिम्बाब्वे ने 179 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए टूर्नामेंट में अपनी लगातार तीसरी जीत दर्ज की और ग्रुप B में शीर्ष स्थान पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली।
कप्तान सिकंदर रजा ने एक बार फिर साबित किया कि क्यों उन्हें मौजूदा दौर के बेहतरीन ऑलराउंडरों में गिना जाता है। उनकी विस्फोटक पारी ने श्रीलंका के हाथों से जीत छीन ली। यह अंतर्राष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में जिम्बाब्वे का दूसरा सबसे सफल रन चेज भी है।
धीमी शुरुआत के बाद जिम्बाब्वे की दमदार वापसी
179 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम को सलामी बल्लेबाज ब्रायन बैनेट और ताडिवानाशे मरुमानी ने शानदार शुरुआत दी। दोनों ने पहले विकेट के लिए 69 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। हालांकि, शुरुआती 10 ओवरों में टीम का रन रेट काफी धीमा था और स्कोरबोर्ड पर सिर्फ 78 रन ही लगे थे। लेकिन जिम्बाब्वे के लिए अच्छी बात यह थी कि उसके 9 विकेट सुरक्षित थे, जिसने बाद के बल्लेबाजों के लिए एक मजबूत मंच तैयार किया।
एक छोर पर ब्रायन बैनेट टिके रहे और उन्होंने 63 रनों की नाबाद पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई।
कप्तान रजा ने पलट दिया मैच का पासा
मैच का रुख उस वक्त बदला जब 12वें ओवर में कप्तान सिकंदर रजा क्रीज पर आए। उन्होंने अपनी पारी की शुरुआत बेहद धीमी की और पहली 9 गेंदों पर सिर्फ 6 रन बनाए। ऐसा लग रहा था कि मैच जिम्बाब्वे के हाथ से फिसल रहा है, लेकिन इसके बाद रजा ने अपना गियर बदला और श्रीलंकाई गेंदबाजों पर चौकों-छक्कों की बरसात कर दी।
उन्होंने अगली 16 गेंदों पर 39 रन ठोक डाले और कुल 25 गेंदों में 45 रनों की तूफानी पारी खेलकर मैच को जिम्बाब्वे के पक्ष में झुका दिया। आखिरी 10 ओवरों में टीम को जीत के लिए 101 रनों की दरकार थी, जिसे रजा और बैनेट की पारियों ने संभव बना दिया।
बेकार गई निसांका की अर्धशतकीय पारी
इससे पहले, टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका ने पथुम निसांका के शानदार अर्धशतक की बदौलत 20 ओवरों में 178 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया था। श्रीलंकाई टीम को उम्मीद थी कि वे अपने घरेलू मैदान पर इस स्कोर का आसानी से बचाव कर लेंगे, लेकिन जिम्बाब्वे के इरादे कुछ और ही थे। टीम ने शानदार योजना और प्रदर्शन के दम पर यह ऐतिहासिक जीत हासिल की।






