Whatsapp यूजर्स सावधान! आप भी बन सकते हैं ठगी का शिकार, इस नंबर से आए कॉल तो ना करें उठाने की गलती

Whatsapp यूजर्स सावधान! आप भी बन सकते हैं ठगी का शिकार, इस नंबर से आए कॉल तो ना करें उठाने की गलती

टेक्नोलॉजी, डेस्क रिपोर्ट। दुनिया डिजिटल बनती जा रही है और उसके हाथ दबे पाँव साइबर क्राइम के मामले भी बढ़ रहे हैं। हैकर्स अलग-अलग तरीके से यूजर्स पर अटैक कर करते हैं। Whatsapp भी आजकल सबसे प्रसिद्ध सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बन चुका है। लगभग सभी के फोन में आपको Whatsapp दिख जाएगा। इसी का फायदा हैकर्स उठा रहे हैं। हाल ही में +92 कोड से लोगों को Whatsapp कॉल आ रहे हैं, जो उनके प्राइवसी पर भी अटैक करता है। यदि आपको भी ऐसे नंबर से कॉल आ रहा है तो सावधान हो जाए।

यह भी पढ़े… OnePlus 10RT जल्द होगा भारत में लॉन्च, हो चुका है मॉडल नंबर और फीचर्स का खुलासा, जानें यहाँ

हैकर्स इस नंबर के जरिए लोगों को लॉटरी और इनाम का झांसा देते है और यूजर्स की सारी पर्सनल जानकारी हासिल कर के उसका गलत इस्तेमाल करते हैं। यदि आपको भी +92 के कोड वाले नंबर से कॉल आये तो उन्हें रिप्लाइ देने के बजाय आप नंबर को ब्लॉक कर दें। जानकारी के लिए बता दें की भारत का कंट्री कोड +91 होता है और +92 पाकिस्तान है। हालांकि अब तक इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है की ये कॉल पाकिस्तान से आ रही है या कहीं और से।

यह भी पढ़े… Sawan Somvar : तीसरे सावन सोमवार पर विशेष योग, राजधानी के मंदिर में 100 देशों की मुद्रा से सजे भोलेनाथ

कभी-कभी ऐसे नंबर वर्चुअल रूप से उपलब्ध करवा दिए जाते हैं, जिनका इस्तेमाल दुनिया के किसी कोने भी आसान हो जाता है। यदि आपको भी किसी अनजान नंबर से कॉल आ रही हो और उसका कंट्री कोड +92 हो उसे तुरंत इग्नोर करें और गलती से भी अपने पर्सनल डिटेल्स को शेयर ना करें। इस स्थिति में नंबर को ब्लॉक करना सबसे सही ऑप्शन होगा। ताकि भविष्य में आपको इस नंबर से कॉल या मैसेज ना आए। यदि आप ठगी का शिकार बन जाते हैं तो इसकी शिकायत फौरन साइबर थाने में दर्ज करवाएं।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews