
टीकमगढ़,आमिर खान। जिले का पुलिस प्रशासन सत्तारूढ़ दल के इशारे पर पक्षपातपूर्ण ढंग से कार्यवाहियों को अंजाम दे रहा है। पूर्व मंत्री मध्यप्रदेश शासन यादवेन्द्र सिंह बुन्देला (former minister yadvendra singh bundela) ने एक प्रेस वार्ता में टीकमगढ़ पुलिस (tikamgarh police) पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों और निकाय चुनाव में भागीदारी कर रहे कांग्रेस प्रत्याशियों के विरूद्ध द्वेषपूर्ण तरीके से पुलिसिया हथकंडे अपनाए जा रहे है। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्यशैली भाजपा के द्वारा संचालित खिलौने की तरह है।
उन्होंने नाम लेकर कहा कि टीकमगढ़ की खिरिया पुलिस चौकी, टीकमगढ़ कोतवाली, टीकमगढ़ देहात थाना में खुलेआम थाना प्रभारी टीकमगढ़ विधायक के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं। विधायक के इशारे पर वाहन जब्त होते हैं और छोड़ दिये जाते हैं। चुनावी लाभ उठाने के लिए एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोवल तोड़ने के लिए पुलिस को भाजपा के हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। बेहद खुलकर और स्पष्ट तौर पर श्री बुन्देला ने पुलिस के कामकाज पर प्रश्नचिन्ह लगाए। उन्होंने कहा पिछले पौने तीन साल से टीकमगढ़ के एसपी के रूप में पदस्थ प्रशांत खरे की भूमिका भी निष्पक्षता से भरी नहीं है।
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गौरतलब है कि यादवेन्द्र सिंह बुन्देला चार बार टीकमगढ़ विधानसभा का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उन्होंने सन् 2008 में भाजपा की राष्ट्रीय स्तर की नेता उमा भारती को टीकमगढ़ विधानसभा से 10 हजार वोटों से हराकर पूरे देश में शोहरत हासिल की थी। श्री बन्देला ने कहा कि देवरदा ग्राम पंचायत में पुलिस द्वारा 188 की कार्यवाही राजनैतिक विद्वेष के चलते की गई है।
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बुन्देला ने कहा कि 60 से अधिक ऐसे प्रकरण सामने आए हैं, जिनसे स्पष्ट प्रतीत होता है कि जिले के सत्तारूढ़ दल के नुमाइंदे ऐनकेन प्रकारेण जिल पंचायत के चुनावों में हावी होना चाहते हैं और पुलिसिया तंत्र पूरी तरह सत्तारूढ़ दल के नेताओं की कठपुतली बना हुआ है। उन्होंने कहा कि टीकमगढ़ नगर पालिका वार्ड 22 के प्रत्याशी अब्दुल गफ्फार उर्फ पप्पू मलिक के व्यवसायिक प्रतिष्ठिनों पर खनिज विभाग एवं एसडीएम द्वारा ताबड़तोड़ कार्यवाही की गई। गौरतलब है कि अब्दुल गफ्फार उर्फ पप्पू मलिक बीते चुनाव में 8489 वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहे थे।
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कलेक्टर सुभाष कुमार द्विवेदी ने कहा कि हम निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन का पालन कर रहे हैं। प्रशासन पूरी तरह से निष्पक्षता और पारदर्शिता से अपने कर्तव्य का पालन कर रहा है।
पुलिस अधीक्षक प्रशांत खरे ने कहा कि पुलिस पर लगाए गए आरोप निराधार हैं और पुलिस अपना काम प्रक्रियानुसार पूरी पारदर्शिता से कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य अर्थिक अपराध अनुसंधान ब्यूरो का स्वतंत्र अस्तित्व है और जिला पुलिस का उससे सीधा कोई लेनादेना नहीं है।
