कंगना के समर्थन में एमपी की पूर्व सीएम, उद्धव ठाकरे के लिए कही बड़ी बात

कंगना के समर्थन में एमपी की पूर्व सीएम, उद्धव ठाकरे के लिए कही बड़ी बात

टीकमगढ़।आमिर खान। बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत (Kangna Ranaut) के खिलाफ मुंबई (Mumbai) में महाराष्ट्र सरकार और बीएमसी (BMC) की कार्रवाई के बाद देश भर में गुस्सा देखने को मिल रहा है| राजनीतिक हस्तियां अपनी प्रतिक्रिया दे रही है| कंगना पर की गई कार्रवाई उद्धव सरकार को कटघरे में खड़ा कर रही है। बॉलीवुड कलाकार कंगना के समर्थन में मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती (Uma Bharti) भी उतर आई हैं। उन्होंने कंगना के खिलाफ हुई कार्रवाई का विरोध किया। साथ ही उन्होंने उद्धव ठाकरे सरकार को घेरते हुए कहा कि उद्धव ठाकरे ने खुद की गरिमा के साथ सरकार की गरिमा और बीएमसी की गरिमा को गिराने का काम किया है।

पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री उमा भारती आज अपने घर टीकमगढ़ पहुंची जहां उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया के सामने कंगना के खिलाफ की गई कार्रवाई पर प्रतिक्रिया दी। सुश्री उमा भारती ने कहा कि उद्धव ठाकरे सरकार ने सरकार के साथ BMC की गरिमा को गिराने का काम किया है। कलाकार कंगना के खिलाफ की गई कार्रवाई गलत है। यह कार्यवाही बीएमसी ने राजनैतिक इशारे पर की है।

उन्होंने कहा कि अगर कंगना का घर बीएमसी की सूची में था तो यह पहले ही गिरा दिया जाना चाहिए था | लेकिन कंगना के खिलाफ राजनैतिक इशारे पर कार्रवाई की गई है जो नहीं की जानी चाहिए थी। यह कार्रवाई सिर्फ कंगना के मनोबल को गिराने के लिए की गई। ऐसी घटनाओं से मनोबल गिरता नहीं बल्कि सत्ता का सम्मान गिरता है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews