
TI Dilip Puri
मध्यप्रदेश के देवास जिले में अवैध शराब का परिवहन रोकने के दौरान खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की मौत का मामला अब पुलिस जांच के साथ राजनीतिक विवाद का विषय भी बन गया है। मामले की जांच स्पेशल डीजी उपेंद्र जैन करेंगे। इस बीच देवास पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।
शराब तस्करी के नेटवर्क की पड़ताल के बीच कांग्रेस नेता राहुल जायसवाल का नाम सामने आने की जानकारी के बाद भाजपा ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी से सवाल पूछे हैं। वहीं कांग्रेस नेताओं ने घटना को लेकर प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली और शराब माफिया के खिलाफ कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
शराब माफिया को लेकर फिर उठे सवाल
सोमवार तड़के इंदौर-बैतूल हाईवे पर नेमावर रोड के पास अवैध शराब के परिवहन की सूचना पर पुलिस की अलग-अलग टीमें वाहनों की जांच कर रही थीं। इसी दौरान एक संदिग्ध आयशर वाहन को रोकने की कोशिश में टीआई दिलीप पुरी को कुचल दिया गया। उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना के बाद सामने आए वीडियो में वाहन के भीतर शराब की पेटियां छिपाकर ले जाने का तरीका भी दिखाई दिया है।
शराब कारोबार से जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल
पुलिस सूत्रों के हवाले से शराब तस्करी के नेटवर्क की जांच में हरदा के शराब कारोबारी, लिकर कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष एवं कांग्रेस नेता राहुल जायसवाल का नाम सामने आने की जानकारी है। उनके मैनेजर राणा से पूछताछ किए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, राहुल जायसवाल ने खुद को निर्दोष बताया है।
जिस वाहन से टीआई की मौत हुई, वह खरगोन निवासी अकील कुरैली के नाम पर पंजीकृत बताया जा रहा है। टिमरनी से भी कुछ लोगों को हिरासत में लिए जाने की सूचना है। फिलहाल जांच में इन लोगों की भूमिका और शराब के परिवहन से जुड़े नेटवर्क की कड़ियों को स्पष्ट किया जाना बाकी है।
राहुल जायसवाल को लेकर भाजपा ने जीतू पटवारी से किए सवाल
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी से पूछा है कि राहुल जायसवाल को खातेगांव विधानसभा का प्रभारी क्यों बनाया गया था। उन्होंने राहुल जायसवाल और मनीष जायसवाल की शराब कारोबार में साझेदारी का उल्लेख करते हुए कांग्रेस से इस संबंध में जवाब मांगा है। सुरेंद्र शर्मा ने शराब माफिया के तार कांग्रेस से जुड़े होने का आरोप भी लगाया है।
दूसरी ओर, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि जब कानून के रक्षक ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम आदमी अपनी सुरक्षा की क्या उम्मीद करे। उन्होंने मुख्यमंत्री से कागजी कार्रवाई और दिखावे के बजाय शराब माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने तथा पुलिसकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने भी सरकार को घेरते हुए टीआई दिलीप पुरी की मौत को हादसा मानने से इनकार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि शराब माफिया ने उनकी हत्या कराई है। मिश्रा ने प्रदेश में अवैध शराब के कारोबार और पुलिस अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर सरकार से जवाब मांगा है। हालांकि, घटना हत्या थी या नहीं, यह जांच का विषय है।
परिवार को न्याय दिलाने की मांग
पूर्व पुलिस अधिकारी प्रवीण कक्कड़ ने टीआई दिलीप पुरी के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि श्रद्धांजलि केवल शब्दों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने दिवंगत थाना प्रभारी के परिवार को न्याय, सम्मान और आजीवन संबल देने की मांग की है।
टीआई की मौत के बाद पुलिस की जांच में अब सिर्फ घटना की परिस्थितियां ही नहीं, बल्कि अवैध शराब के परिवहन में शामिल लोगों और उनके बीच संबंधों का पता लगाना भी महत्वपूर्ण होगा। इस बीच राजनीतिक दलों के आरोप-प्रत्यारोप ने मामले को और चर्चा में ला दिया है।
पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

