महाकाल मंदिर में पीएमश्री पर्यटकों के लिए VIP दर्शन शुरू, मंदिर प्रशासन ने जारी किए सख्त निर्देश

उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा से आने वाले श्रद्धालुओं को अब वीआईपी दर्शन की सुविधा मिलेगी। मंदिर प्रशासन के नए आदेश से दर्शन व्यवस्था, प्रोटोकॉल और पर्यटन अनुभव में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
Mahakal

उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। हर दिन लाखों भक्त भगवान महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इसी आस्था और पर्यटन को एक साथ मजबूत करने की दिशा में मंदिर प्रशासन ने एक अहम फैसला लिया है। पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा के तहत यात्रा करने वाले पर्यटकों को अब महाकाल मंदिर में वीआईपी दर्शन की सुविधा दी जाएगी।

इस फैसले से न केवल दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी, बल्कि मध्य प्रदेश के धार्मिक पर्यटन को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। मंदिर प्रशासन ने इस व्यवस्था को सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं, ताकि सामान्य श्रद्धालुओं की व्यवस्था भी प्रभावित न हो।

पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा से आने वालों को मिलेगी VIP दर्शन सुविधा

महाकाल मंदिर प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा के माध्यम से उज्जैन पहुंचने वाले पर्यटकों को अब प्रोटोकॉल दर्शन के तहत भगवान महाकाल के दर्शन कराए जाएंगे। इसके लिए प्रति श्रद्धालु 250 रुपये का निर्धारित शुल्क रखा गया है। इस शुल्क के भुगतान के बाद पर्यटकों को नियत मार्ग से शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से दर्शन की सुविधा मिलेगी।

मंदिर प्रशासन के आदेश, कर्मचारियों की अलग-अलग शिफ्ट में तैनाती

महाकाल मंदिर के प्रशासक प्रथम कौशिक ने सोमवार को इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश के मुताबिक, उप प्रशासक के नेतृत्व में कर्मचारियों की अलग-अलग शिफ्टों में ड्यूटी लगाई गई है। ये कर्मचारी सुबह छह बजे से रात दस बजे तक पीएमश्री हेली सेवा से आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन कराएंगे।

20 नवंबर से शुरू हुई पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा का विस्तार

गौरतलब है कि 20 नवंबर को महाकाल मंदिर के आंगन से पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा की शुरुआत की गई थी। इस सेवा के तहत श्रद्धालुओं और पर्यटकों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से ओंकारेश्वर, पचमढ़ी, बांधवगढ़ जैसे धार्मिक, प्राकृतिक और वन्य क्षेत्रों की यात्रा कराई जा रही है।

Bhawna Choubey
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