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मॉडल से संन्यासी बनीं हर्षा रिछारिया ने लव जिहाद पर युवतियों को चेताया, प्रवचन के समापन पर बांटी तलवारें

Written by:Rishabh Namdev
Published:
उज्जैन में देवी प्रवचन के समापन पर साध्वी हर्षानंद गिरी ने युवतियों को तलवारें वितरित कर लव जिहाद से सतर्क रहने और सनातन धर्म के प्रति समर्पित रहने का संकल्प दिलाया।
मॉडल से संन्यासी बनीं हर्षा रिछारिया ने लव जिहाद पर युवतियों को चेताया, प्रवचन के समापन पर बांटी तलवारें

उज्जैन की पावन धरा पर, जहां अध्यात्म और धर्म का संगम होता है, एक अनोखी घटना ने सबका ध्यान खींचा है। दरअसल कभी ग्लैमर की दुनिया में अपनी पहचान बनाने वाली हर्षा रिछारिया, जो अब स्वामी हर्षानंद गिरी के नाम से जानी जाती हैं, ने देवी प्रवचन के समापन पर युवतियों को तलवारें बांटकर उन्हें आत्मरक्षा और सनातन धर्म के प्रति समर्पण का संदेश दिया।

दरअसल यह कार्यक्रम उज्जैन से करीब 22 किलोमीटर दूर लक्ष्मीपुरा में 8 मई से आयोजित 108 कुंडीय यज्ञ का हिस्सा था, जहां साध्वी हर्षानंद ने सात दिनों तक देवी के विभिन्न स्वरूपों का मनोहारी वर्णन किया। भीषण गर्मी के बावजूद, बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनके प्रवचन सुनने और आशीर्वाद लेने पहुंचे। प्रवचन के अंतिम दिन, करनी सेना के माध्यम से पंडाल में मौजूद युवतियों को मंच से तलवारें वितरित की गईं। हालांकि, आयोजन समिति का लक्ष्य 101 तलवारें बांटने का था, लेकिन पर्याप्त तलवारें नहीं पहुंच पाने के कारण साध्वी हर्षानंद के हाथों 11 युवतियों को ही ये प्रतीक स्वरूप तलवारें सौंपी जा सकीं।

सनातन धर्म के प्रति समर्पित रहने की शपथ दिलाई

वहीं साध्वी हर्षानंद गिरी ने इस अवसर पर युवतियों को ‘लव जिहाद’ के खिलाफ जागरूक रहने, किसी भी दूसरे धर्म के बहकावे में न आने और सदैव सनातन धर्म के प्रति समर्पित रहने की शपथ भी दिलाई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हिंदू लड़कियों को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया जा रहा है। भोपाल में हाल ही में हुए हंगामे पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने बजरंग दल कार्यकर्ता की गिरफ्तारी पर भी सवाल उठाए, यह कहते हुए कि आरोपियों के साथ वही हुआ, जिसके वे हकदार थे। उनका यह बयान मौजूदा सामाजिक और धार्मिक बहसों में एक नई कड़ी जोड़ता है।

साध्वी रूप में ‘स्वामी हर्षानंद गिरी’ नाम अपनाया था

हर्षा रिछारिया का यह नया स्वरूप मोनी आश्रम, उज्जैन में विधिवत संन्यास लेने के बाद सामने आया है। उन्होंने पंचायती निरंजनी अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी सुमनानंद गिरि महाराज के सानिध्य में गृहस्थ जीवन का त्याग कर साध्वी रूप में ‘स्वामी हर्षानंद गिरी’ नाम अपनाया था। अब वे अपने प्रवचनों और कार्यक्रमों के माध्यम से हिंदू समाज, विशेषकर युवतियों को सशक्त करने का प्रयास कर रही हैं।

लव जिहाद से सतर्क रहने का संदेश दिया

तलवार वितरण से पूर्व अपने संबोधन में हर्षानंद ने युवतियों से लव जिहाद से सतर्क रहने का पुरजोर संदेश दिया। उन्होंने सभी से अपने देश और समाज को साक्षी मानकर यह संकल्प लेने का आह्वान किया कि वे कभी अपने कुल और वंश का अपमान नहीं करेंगी, परिवार के खिलाफ नहीं जाएंगी और दूसरे धर्मों के बहकावे में नहीं आएंगी। साध्वी ने युवतियों को हमेशा सनातन धर्म के प्रति समर्पित रहने का मंत्र दिया।

उनका मानना है कि युवतियों को वीरांगना बनना चाहिए। उन्हें तलवारबाजी, घुड़सवारी और शस्त्र प्रशिक्षण सीखना चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर वे स्वयं और अपने परिवार की रक्षा कर सकें। यह केवल शारीरिक बल की बात नहीं, बल्कि आत्मबल और आत्मविश्वास जगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

लड़कियों को पैसे कमाने के नाम पर ड्रग्स की ओर धकेला जा रहा

साध्वी हर्षानंद ने हिंदू परिवारों से अपनी परवरिश और सामाजिक माहौल पर गंभीरता से विचार करने की बात कही। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि लड़कियों को देर रात की पार्टियों, नशे और पैसे कमाने के नाम पर ड्रग्स की ओर धकेला जा रहा है। इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए उन्होंने सनातनी समाज और साधु-संतों को एकजुट होने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि युवतियों की सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। उनका यह आह्वान ऐसे समय में आया है जब समाज में नैतिक मूल्यों के क्षरण और युवाओं में भटकन को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। इस प्रकार, पूर्व मॉडल से संन्यासिनी बनीं स्वामी हर्षानंद गिरी का यह अभियान केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

Rishabh Namdev
लेखक के बारे में
मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev
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