नागदा में रविवार रात पुलिस ने गुंडा अभियान के तहत बाजार की सारी दुकानों को रात 10 बजे बंद करवा दिया था। पुलिस की टीम अचानक बाजार में पहुंची थी और लोगों से दुकान बंद करवाने लगी। इस ताबड़तोड़ कार्रवाई की वजह से पूरे बाजार में हड़कंप मच गया था।
पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई पर अब कांग्रेस नेता बसंत मालपानी को सवाल उठाते हुए देखा गया। उनका कहना है कि कानून व्यवस्था के नाम पर जो भी कार्रवाई होती है उसका सबसे ज्यादा असर छोटे और मध्यम वर्ग के व्यापारियों पर पड़ता है। ऐसा नहीं होना चाहिए नियम सभी के लिए बराबर होने चाहिए।
कांग्रेस नेता ने पूछे सवाल
बसंत मालपानी ने यह सवाल किया है कि अगर अपराध और विवाद रोकने के लिए पुलिस रात में चाय नाश्ते की दुकान बंद कर रही है, तो फिर शराब की दुकानों और आहातों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। उनका कहना है कि अगर देर रात होने वाले विवादों को रोकना है तो सबसे पहले नशे के ठिकानों पर लगाम लगाने की जरूरत है। नियम सभी पर समान रूप से लागू होते हैं ना कि किसी एक वर्ग पर थोपे जा रहे हैं।
रखी ये मांग
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाने के साथ मालपानी ने यह भी कहां है कि भोजनालय, चाय पोहा और आइसक्रीम पार्लर चलाने वाले देर शाम में थोड़ा बहुत कमा पाते हैं। रात 10 बजे अगर दुकान बंद करवा दी जाएगी तो उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने यह मांग रखी है कि दुकानदारों को 11 से 11:30 बजे तक अपना व्यापार करने की छूट दी जानी चाहिए।
पुलिस ने बंद करवाई थी दुकानें
नागदा थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस की टीम रविवार रात बाजार पहुंची। टीम ने दुकानदारों से अचानक दुकान बंद करने को कहा। इस तरह से प्रमुख बाजार की दुकानों को बंद करवाने के लिए की गई कार्रवाई की वजह से दुकानदार असमंजस में दिखाई दिए। हालांकि, पुलिस द्वारा ये साफ कर दिया गया कि ये केवल एक ड्रिल है, जो सुरक्षा को देखते हुए की जा रही है। अपराधों पर लगाम लगी रहे इसलिए ये अभियान आगे भी जारी रहेगा।

नागदा थाना प्रभारी अमृतलाल गवरी के मुताबिक बाजार बंद करने के लिए कार्रवाई गुंडा अभियान के अंतर्गत की गई है। इसके तहत केवल नागदा में ही नहीं बल्कि पूरे जिले में सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। अगले आदेश तक ये अभियान जारी रहने वाला है। इसके तहत और असामाजिक तत्वों और बदमाशों पर नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की अपराधिक गतिविधि ना हो।






