भोपाल/उज्जैन। भादों मास के प्रथम सोमवार को उज्जैन में बाबा महाकाल की पांचवीं सवारी निकली तो पूरी अवंतिका नगरी आस्था और उल्लास में डूबी नजर आई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी सवारी में शामिल हुए। 1100 बटुकों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बाबा महाकाल नगर भ्रमण पर निकले और भगवान चन्द्रमोलेश्वर की पालकी रामघाट पहुंची तो हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव दत्त अखाड़ा से नाव के जरिए रामघाट पहुंचे। यहां उन्होंने पालकी में विराजित भगवान चन्द्रमोलेश्वर का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया और बाबा महाकाल से प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। पुजारी आशीष शर्मा ने मां शिप्रा के जल से भगवान चन्द्रमोलेश्वर का जलाभिषेक कराया।
रामघाट पहुंची पालकी तो हेलीकॉप्टर से हुई पुष्पवर्षा
महाकालेश्वर मंदिर से परंपरागत मार्ग पर निकली सवारी के रामघाट पहुंचने पर अलग ही दृश्य दिखाई दिया। भगवान चन्द्रमोलेश्वर की पालकी के स्वागत में हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई। बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन किए और जयकारों से रामघाट गूंज उठा।
इस बार सवारी में 1100 बटुकों का वैदिक मंत्रोच्चार भी आकर्षण का केंद्र रहा। एक साथ गूंजते मंत्रों के बीच बाबा महाकाल की सवारी आगे बढ़ी।
500 से ज्यादा कलाकारों ने बिखेरे संस्कृति के रंग
पांचवीं सवारी में आस्था के साथ मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता भी दिखाई दी। 500 से अधिक कलाकारों वाले 8 जनजातीय दलों ने अलग-अलग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।
इस बार सवारी को 84 महादेव की थीम पर सजाया गया और परंपरागत मार्ग से निकाला गया। पुलिस बैंड की प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र रही। सवारी में परंपरा, धर्म और संस्कृति के साथ आधुनिक तकनीक का भी समावेश देखने को मिला।
धार्मिक पर्यटन पर बोले CM मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सनातन चेतना और संस्कृति का गौरव दुनिया में बढ़ रहा है। मध्य प्रदेश में भी धार्मिक पर्यटन को नई गति मिली है।
उन्होंने श्री महाकाल लोक का जिक्र करते हुए कहा कि इसके निर्माण के बाद उज्जैन में धार्मिक पर्यटन का बड़ा विस्तार हुआ है। इसका लाभ रोजगार, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मिला है।
सीएम यादव ने कहा कि धार्मिक पर्यटन अब आस्था के साथ प्रदेश की समृद्धि का भी माध्यम बन रहा है। सरकार प्रदेश के धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को इसी सोच के साथ आगे बढ़ा रही है।







