सिंहस्थ 2028 की तैयारी उज्जैन और मध्य प्रदेश में जोर शोर से देखने को मिल रही है। मध्य प्रदेश पुलिस खास व्यवस्था में जुटी हुई है। इसके लिए पुलिस महकमे को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में सुरक्षा व्यवस्था से लेकर भीड़ प्रबंधन सब कुछ शामिल है।
अब तक पुलिस प्रशिक्षण के दो चरण पूरे किए जा चुके हैं। इनमें लगभग 303 मास्टर ट्रेनर्स को तैयार किया गया है। अब ये ट्रेनर्स प्रदेश भर के हजारों पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों को सुरक्षा बल प्रबंधन और आपदा प्रतिक्रिया का प्रशिक्षण देने वाले हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम की समीक्षा
पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों के इस प्रशिक्षण को लेकर भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में राज्यस्तरीय सेमिनार का आयोजन भी किया गया। इस सेमिनार में प्रशिक्षण कार्यक्रम की समीक्षा कर आगे की रणनीति बनाई गई।
प्रयागराज मॉडल पर काम
सिंहस्थ 2028 के सफल आयोजन के लिए प्रयागराज महाकुंभ 2025 की व्यवस्थाओं का अध्ययन करते हुए भीड़ प्रबंधन, यातायात और सुरक्षा के मॉडल को उज्जैन सिंहस्थ की योजना में शामिल किया गया है। इन्हीं के आधार पर प्रशिक्षण मॉडल तैयार कर पुलिस बल को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
नई भर्ती से बढ़ेगी ताकत
बता दें कि साल 2025 में 8500 और 2026 में 9862 पदों पर भारती की मंजूरी दी गई है। ऐसे में करीब 18000 में पुलिसकर्मी बल में शामिल होने वाले हैं। ये भर्ती उप निरीक्षक और सूबेदार संवर्ग में हुई है, जिनका प्रशिक्षण जल्द शुरू किया जाएगा। इससे सिंहस्थ 2028 के साथ भविष्य में कानून व्यवस्था संभालने के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध रहेगा।






