बाबा महाकाल की सवारियों के दौरान हर साल उज्जैन में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। वहीं इसी को देखते हुए जिला प्रशासन ने इस बार भी स्कूलों के संचालन में बदलाव करने का निर्णय लिया है। दरअसल प्रशासन के अनुसार 3 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक उज्जैन शहर के सभी शासकीय और अशासकीय स्कूलों में प्रत्येक सोमवार अवकाश रहेगा, जबकि इन छुट्टियों की भरपाई के लिए रविवार को नियमित कक्षाएं लगाई जाएंगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य शहर में ट्रैफिक दबाव कम करना, बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और स्कूल बसों के संचालन में आने वाली परेशानियों को रोकना है।
महाकाल की छह सवारियों के दौरान रहेगी विशेष व्यवस्था
दरअसल इस वर्ष सावन माह 30 जुलाई से शुरू हो रहा है। पूरे सावन और भादौ में भगवान महाकाल की कुल छह सवारियां निकाली जाएंगी। सावन की सवारियां 3, 10, 17 और 24 अगस्त को निकलेंगी, जबकि 31 अगस्त को भादौ माह की पांचवीं सवारी होगी। इसके बाद 7 सितंबर को भगवान महाकाल की भव्य शाही सवारी निकाली जाएगी। इन दिनों शहर के प्रमुख मार्गों पर भारी भीड़ और ट्रैफिक जाम की स्थिति बनने की संभावना रहती है। इसी कारण प्रशासन ने स्कूलों के लिए यह विशेष शेड्यूल लागू किया है।
रविवार को होगी पढ़ाई
वहीं प्रशासन के फैसले के मुताबिक यह व्यवस्था केवल उज्जैन नगर क्षेत्र के सरकारी और निजी स्कूलों पर लागू होगी। ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूल पहले की तरह संचालित होंगे। वहीं 7 सितंबर को निकलने वाली महाकाल की शाही सवारी के अवसर पर पूरे उज्जैन जिले में सार्वजनिक अवकाश रहेगा। चूंकि उस दिन रविवार भी है, इसलिए उस सप्ताह छात्रों को लगातार दो दिन का अवकाश मिलेगा।
बच्चों की सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को देखते हुए लिया गया फैसला
दरअसल जिला प्रशासन का कहना है कि महाकाल की सवारी के दौरान शहर की प्रमुख सड़कों पर लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के कारण कई घंटे तक ट्रैफिक प्रभावित रहता है। ऐसे में स्कूल बसें लंबे समय तक जाम में फंस जाती हैं और छात्रों को आने-जाने में काफी परेशानी होती है। अभिभावकों की चिंता और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हर साल इसी तरह की व्यवस्था लागू की जाती है। रविवार को कक्षाएं लगाकर शैक्षणिक सत्र भी प्रभावित नहीं होने दिया जाता।
जल्द जारी होगा आधिकारिक आदेश
वहीं उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया कि सावन के दौरान महाकाल की सवारी के समय स्कूल संचालन को लेकर हर वर्ष यही व्यवस्था लागू की जाती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग जल्द ही इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी करेगा, ताकि सभी स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों को समय रहते नई व्यवस्था की जानकारी मिल सके।






