School News: छात्रों के लिए बड़ी खबर, रविवार को खुलेंगे स्कूल, सोमवार को रहेगा अवकाश, आदेश जारी, ये है वजह

मध्यप्रदेश के उज्जैन में रविवार को सभी स्कूल खुले रहेंगे। सोमवार को स्कूलों की छुट्टी रहेगी।
school holiday

MP School News: उज्जैन में कक्षा पहली से लेकर 12वीं के छात्रों को रविवार के दिन स्कूल जाना होगा। वहीं 22 जुलाई सोमवार को छुट्टी रहेगी। इस संबंध में कलेक्टर नीरज सिंह ने आदेश भी जारी कर दिया है। 22 जुलाई से 2 सितंबर तक यह आदेश जिले के सभी स्कूलों पर प्रभावी होगा। यह फैसला शनिवार को आयोजित हुए सावन महीने को लेकर जिला प्रशासन की बैठक में लिया गया है। 2 सितंबर के बाद व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा।

ये है वजह

प्रशासन में यह फ़ैसला पहले सावन सोमवार पर निकलने वाली महाकाल की सवारी को ध्यान में रखते हुए लिया है। सावन और भादो मास में बाबा महाकालेश्वर की 7 शाही सवारियाँ निकाली जाती है। इस दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। सड़कों पर भीड़ भी बढ़ जाती है। ट्रैफिक जाम होने के कारण छात्रों को भी परेशानी होती है। इसका असर उनकी पढ़ाई पर पड़ता है। इसलिए उज्जैन नगर निगम में जुलाई को स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया हैं। वहीं 20 और 21 जुलाई को कई निजी और शासकीय स्कूलों में कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

अगस्त में छुट्टियों को लिस्ट लंबी 

अगस्त माह में 13 दिन स्कूल बंद रहेंगे। 4 रविवार और 5 शनिवार पड़ रहे हैं। वहीं 22 जुलाई से 19 अगस्त तक 5 सोमवार है। 9 अगस्त को नागपंचमी और जनजातीय दिवस है।15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस है। 19 अगस्त को रक्षाबंधन और 26 अगस्त को जन्माष्टमी मनाई जाएगी।

महाकाल सवारी को लेकर प्रशासन के महत्वपूर्ण फैसले

महाकाल की शाही सवारी के लिए प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये हैं। जिले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजार किए जाएंगे। भक्तों की सुविधाओं का खास ख्याल रखा जायेगे। होटलों में ठहरने के लिए कीमत भी निर्धारित होगी। अधिक किमत वसूलने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। होटल के बाहर मालिकों का नाम लिखना जरूरी होगा। वहीं आमजन को कोई परेशानी न हो इसलिए शाम 4 बजे महाकाल की सवारी निकाली जाएगी।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews