उज्जैन में एक तरफ जहां दशहरा आयोजन समितियों को रावण दहन न करने को लेकर नोटिस भेजे जा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ गरबा आयोजन को लेकर भी हंगामा देखने को मिल रहा है। हिंदू जागरण मंच की ओर से नवरात्रि शुरू होने से पहले ही यह बोल दिया गया था कि जहां पर माता जी की स्थापना कर पारंपरिक गरबे करवाए जाते हैं वहीं आयोजन किए जाने चाहिए। पैसे लेकर पास बेचकर अगर आयोजन करवाया जाएगा तो इसका विरोध होगा।
मंच द्वारा की गई इस घोषणा के बाद शहर में होने वाले आयोजनों को लेकर असमंजस की स्थिति देखने को मिल रही थी। हालांकि नवरात्रि शुरू होते हैं गरबा और डांडिया का दौर भी शुरू हो गया। मित्तल होटल में भी गरबा आयोजित किया गया था जिसे हिंदू जागरण मंच में कार्यकर्ताओं ने विरोध किया। गुरुवार की रात यहां पर प्रवेश के लिए डेढ़ सौ रुपए से 1500 रुपए तक के पास बेचे जाने की शिकायत सामने आई। हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। हंगामे के बाद आयोजक ने सभी को निशुल्क एंट्री देने की बात कही।
ये भी पढ़ें
जमकर मचा हंगामा
जब हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता मित्तल होटल पहुंचे तो कुछ लोगों ने उन्हें अपने एंट्री पास दिखाएं। मालूम चला कि यहां पर प्रवेश के लिए 150 रुपए से लेकर 1500 रुपए तक के पास बेचे जा रहे हैं। कार्यकर्ताओं ने बताया कि आयोजकों ने यहां पर दो गेट बनाए थे। एक से निशुल्क प्रवेश दिया जा रहा था जबकि दूसरे गेट से पास खरीदने वालों को एंट्री दी जा रही थी। जब विरोध किया गया तो सभी के लिए निशुल्क प्रवेश कराने की बात कही गई। इस मामले को लेकर मित्तल होटल में केसरिया रास का आयोजन करवाने वाले आयोजक का कहना है कि सभी को निशुल्क पास बांटे गए थे।
राजाराम में भीड़ के बाद आयोजन निरस्त
शहर के राजा राम रिसोर्ट में डांडिया बीट के नाम से गरबा का आयोजन किया जा रहा था। यहां पर भी निशुल्क आयोजन की शर्त पर प्रशासन द्वारा अनुमति दी गई थी। हालांकि बड़ी संख्या में लोगों के यहां पहुंचने के बाद भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी। इस पर पुलिस ने आयोजन बंद करवा दिया था और बाकी के दो दिनों की अनुमति को भी निरस्त कर दिया गया था। ये आयोजन पास को लेकर नहीं बल्कि भीड़ जुटने और प्रवेश व्यवस्था में गड़बड़ी के चलते निरस्त हुआ है।
एसडीएम का क्या कहना
बता दें कि शहर में मित्तल एवेन्यू, राजाराम रिसॉर्ट, आस्था गार्डन, परमेश्वरी गार्डन, श्री राम वन और राजमहल जैसी जगहों पर गरबा के लिए प्रवेश देने के लिए शुल्क लेने की शिकायत सामने आई है। दूसरी तरफ एसडीएम एलएन गर्ग का कहना है कि गरबा आयोजन के लिए दिए गए आवेदनों में शुल्क या निशुल्क प्रवेश का उल्लेख नहीं था। सभी को शर्तों के साथ अनुमति दी गई है। कोई भी सशुल्क आयोजन नहीं कर सकता। अगर कोई पास बेच रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
