सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण को लेकर विरोध तेज हो गया है। शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे एमआर-4 मार्ग के प्रभावित इलाकों के रहवासी पाटीदार ब्रिज पर जमा हुए और चक्का जाम कर दिया। इसके कारण कुछ ही देर में वाहनों की लंबी कतार लग गई और आने-जाने वालों को परेशानी उठानी पड़ी।
विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि वे विकास कार्यों के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन प्रस्तावित 24 मीटर चौड़ीकरण से उनके घर और दुकानें गंभीर रूप से प्रभावित होंगी। इसी वजह से वे 24 मीटर की जगह 18 मीटर चौड़ी सड़क बनाने की मांग कर रहे हैं।
सिंहस्थ 2028 के लिए चल रही है चौड़ीकरण योजना
प्रशासन शहर में आगामी सिंहस्थ 2028 के दौरान बढ़ने वाली भीड़ और यातायात दबाव को देखते हुए कई प्रमुख मार्गों को चौड़ा कर रहा है। इसी क्रम में एमआर-4 सड़क को रणकेश्वर धाम से गाड़ी अड्डा तक 24 मीटर तक विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है। प्रशासनिक योजना के अनुसार यह मार्ग भविष्य के ट्रैफिक प्रबंधन के लिए अहम माना जा रहा है।
हालांकि स्थानीय आबादी का तर्क है कि इस डिजाइन का मौजूदा बसाहट पर सीधा असर पड़ेगा। उनके मुताबिक यदि चौड़ीकरण 24 मीटर तक किया गया तो कई निर्माण रहने या कारोबार के उपयोग के लायक नहीं बचेंगे।
करीब 190 मकान-दुकानों पर असर की आशंका
उपलब्ध योजना के आधार पर अनुमान है कि एमआर-4 के इस हिस्से में चौड़ीकरण से लगभग 190 मकान और दुकानें प्रभावित हो सकती हैं। इसी आंकड़े को आधार बनाकर दारू गोदाम, अमर नगर और प्रीति नगर क्षेत्रों के सैकड़ों लोग विरोध में सड़क पर उतरे। पाटीदार ब्रिज पर चक्का जाम इसी विरोध का हिस्सा रहा।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि विकल्पी डिजाइन पर विचार किया जाए और चौड़ीकरण की चौड़ाई कम कर स्थानीय निवासियों के नुकसान को सीमित किया जाए। उनका कहना है कि 18 मीटर मॉडल से सड़क विस्तार भी होगा और विस्थापन जैसी स्थिति भी कम बनेगी।
लगातार दूसरे दिन सड़कों पर उतरे रहवासी
यह विरोध एक दिन का नहीं रहा। स्थानीय लोगों के मुताबिक वे पिछले करीब दो सप्ताह से इस मुद्दे पर आपत्ति दर्ज करा रहे हैं। गुरुवार को भी 400 से ज्यादा लोग क्षेत्रीय विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा के आगर रोड स्थित दफ्तर पहुंचे थे। वहां बातचीत के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी।
स्थानीय लोगों के अनुसार, विधायक जब वहां से कार से रवाना होने लगे तो भीड़ ने गाड़ी रोक ली। बाद में लोग उन्हें भाजपा कार्यालय भी ले गए, जहां महिलाओं ने दफ्तर के भीतर जाकर नारेबाजी की। उस दिन करीब एक घंटे से अधिक समय तक हंगामे जैसी स्थिति बनी रही।
“हम विकास के विरोध में नहीं हैं, लेकिन 24 मीटर सड़क बनने से कई मकान रहने लायक नहीं बचेंगे। 18 मीटर चौड़ी सड़क का प्रस्ताव स्वीकार किया जाए।” — योगेश साहू, रहवासी
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि वे इस मामले में कलेक्टर से लेकर मुख्यमंत्री तक आवेदन दे चुके हैं। उनका आरोप है कि समाधान नहीं मिलने के कारण उन्हें बार-बार सड़क पर उतरना पड़ रहा है। फिलहाल प्रशासन की मूल योजना 24 मीटर चौड़ीकरण की है, जबकि स्थानीय आबादी 18 मीटर विकल्प पर निर्णय चाहती है।
एमआर-4 चौड़ीकरण का यह विवाद अब शहर में बुनियादी ढांचा विकास बनाम स्थानीय प्रभाव के रूप में सामने आ रहा है। अगले कदम पर निगाहें प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की आगे की बातचीत पर टिकी हैं।






