उज्जैन के बेगम बाग क्षेत्र में आज एक बार फिर उज्जैन विकास प्राधिकरण की कार्रवाई देखने को मिली। यहां यूडीए ने 16 मकानों को ध्वस्त कर दिया जो हरि फाटक ब्रिज के चौड़ीकरण और मंदिर के लिए बनाई जाएगी टनल के रास्ते में बाधा बन रहे थे।
सिंहस्थ 2028 को लेकर उज्जैन में जोर शोर से निर्माण और प्रगति के कार्य चल रहे हैं। इसी को लेकर अब जहां अतिक्रमण किया गया है या निर्माण कार्य के बीच में जो भी भवन आ रहे हैं उन्हें तोड़ा जा रहा है। बेगम बाग के इन 16 मकानों की लीज 15 साल पहले ही खत्म हो चुकी है। अब हाईकोर्ट का स्टे हटने के बाद इन पर कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।
सुबह-सुबह पहुंची नगर निगम की टीम
बेगम बाग क्षेत्र में जब सुबह 8 बजे के करीब लोग घरों से बाहर निकले तो मौके पर भारी पुलिस बल के साथ प्रशासनिक अमला और नगर निगम की जेसीबी तथा पोकलेन मशीन तैनात थी। यह मकानों को हटाने के कार्रवाई शुरू की गई। अधिकारियों का कहना है कि लीज की शर्तों के विपरीत इन भवनों का व्यवसायिक उपयोग किया जा रहा है।
उज्जैन विकास प्राधिकरण ने यह छठी बार इस क्षेत्र में कार्रवाई की है। कार्रवाई के दौरान UDA, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम के लगभग 50 से ज्यादा कर्मचारी तैनात रहे। सात पोकलेन और चार जेसीबी के साथ अन्य उपकरणों की मदद से मकान को हटाया गया।
पहले हटाए थे 72 मकान
इस बारे में जानकारी देते हुए UDA के सीओ संदीप सोनी ने बताया है कि सिंहस्थ से पहले शहर की ट्रैफिक व्यवस्था और आवागमन को सुचारू बनाने के लिए कार्रवाई की जा रही है। इसके पहले 72 मकान को हटाया गया था। जिन मकानों पर शनिवार को कार्रवाई हुई उनकी लीज 15 डाल पहले खत्म हो गई है। मामला न्यायालय में चल रहा था लेकिन अब स्टे समाप्त हो गया है जिसके बाद कार्रवाई की गई है।
UDA की है जमीन
बता दें कि उज्जैन विकास प्राधिकरण की विश कीमती जमीन से ही पूरा मामला जुड़ा हुआ है। 2014-15 में इन भूखंडों के लीज की अवधि समाप्त हो गई थी। इसके बाद उनका नवीनीकरण नहीं कराया गया। इसके बाद प्रशासन ने कब से हटाने की प्रक्रिया शुरू की थी। यूडीए द्वारा 45 भूखंड 30 साल की लीज पर आवासीय उपयोग के लिए दिए थे। भूखंड धारकों ने शर्तों का उल्लंघन करते हुए इनका व्यावसायिक उपयोग शुरू कर दिया और 45 प्लॉट अलग-अलग हिस्सों में बात कर 90 इमारत खड़ी कर दी गई। उसी के खिलाफ ये कार्रवाई की जा रही है।






