मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत उज्जैन के बड़नगर में जिला स्तरीय शिविर का आयोजन किया गया। प्रशासन द्वारा इस शिविर में ग्रामीणों की समस्याएं सुन उनका समाधान करने की कोशिश की गई। इस दौरान सभी विभागों के अधिकारियों से लेकर कर्मचारी उपस्थित रहे।
इस दौरान उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने 41 पंचायत से आए आवेदन की सुनवाई करते हुए पात्र हितग्राहियों को संबंधित योजनाओं का लाभ दिलाने को कहा। वहीं शासकीय कार्य में लापरवाही दिखाई देने पर उन्होंने सख्त तेवर अपनाया है।
ग्रामीणों को मिला योजना का लाभ
जन विश्वास शिविर के माध्यम से लोक सेवा गारंटी, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, राजस्व प्रकरण, खाद्यान्न पर्ची, आयुष्मान कार्ड, बीपीएल, समग्र कार्ड, पेंशन, संबल योजना, लाडली लक्ष्मी योजना सहित विभिन्न मामलों की सुनवाई की गई। जो लोग पात्र थे उन्हें योजनाओं का लाभ दिया क्या। वहीं ग्रामीणों से सीधा संवाद करते हुए उनकी सारी समस्याएं सुनी। जो मामले ऐसे थे जिनमें तत्काल निराकरण संभव नहीं था, उसमें अधिकारियों को अगले शिविर से पहले समाधान के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के जिलास्तरीय शिविर में 41 पंचायतों के आवेदनों पर सुनवाई। कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और अनेक प्रकरणों का मौके पर निराकरण कराया। लापरवाही पर कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को भी निर्देश दिए गए। pic.twitter.com/f62UxrnV07
— Collector Ujjain (@collectorUJN) August 21, 2026
लापरवाही पर सख्त रुख
शिविर के दौरान ग्राम असावदा के दो आंगनवाड़ी केंद्रों पर लापरवाही की जानकारी सामने आने पर कलेक्टर का सख्त रवैया देखने को मिला। एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ज्योति वैष्णव सूचना के बाद भी मौजूद नहीं थी। वहीं सुमित्रा शर्मा के केंद्र पर लाभार्थी नहीं थे। ऐसे में दोनों का ही 7 दिवसीय मानदेय राजसात करने के साथ सेवा समाप्ति के लिए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।

दूसरी तरफ ये सामने आया कि ग्राम झालरिया के सचिव दिनेश मकवाना ने कल्याणी योजना के पात्र लोगों को योजना का लाभ नहीं दिलवाया है। ऐसे में पंचायत सचिव के निलंबन के निर्देश दिए गए हैं।






