उज्जैन में 11 साल की छात्रा की ऑपरेशन के दौरान हुई मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग सजग हो गया है। कलेक्टर की ओर से जारी किए गए निर्देश के बाद पांच अलग-अलग टीमें बनाई गई है। यह टीम में शहर के अस्पतालों और क्लिनिकों की जांच कर रही हैं।
इन टीमों द्वारा की जा रही जांच में यह सामने आया है कि 38 अस्पताल और क्लिनिक कैसे हैं, जो बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित हो रहे हैं। इन सभी को नोटिस जारी करते हुए आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
चल यही डॉक्टरों की डिग्री की जांच
जब से 11 वर्षीय लड़की की मौत का मामला सामने आया है। उसके बाद कलेक्टर रोशन सिंह ने शहर के सभी अस्पताल और क्लिनिक की जांच करने के निर्देश जारी किए हैं। इसके बाद से शहर के अलग-अलग हिस्सों में टीमों ने अस्पतालों क्लिनिक की जांच करना शुरू कर दिया। इस जांच के दौरान रजिस्ट्रेशन से लेकर दस्तावेज और डॉक्टरों की डिग्री देखी जा रही है।
नियम विरुद्ध चल रहे अस्पताल
इस जांच के दौरान ही सामने आया है कि रविवार को 10 और सोमवार को 28 अस्पताल और क्लिनिक ऐसे पाए गए हैं, जो नियम विरुद्ध संचालित हो रहे हैं। इन सभी को नोटिस जारी किए जा रहे हैं और निर्देश दिए गए हैं कि यह तुरंत अपना वेध पंजीयन करवा लें। निर्धारित समय में पंजीयन नहीं करने पर संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।
मौके से गायब हुए डॉक्टर
बता दें कि जांच के दौरान कुछ जगह ऐसी भी पाई गई। जहां टीम के पहुंचने से पहले ही डॉक्टर अपना क्लीनिक बंद कर मौके से चले गए। इस तरह के संचालकों के खिलाफ भी सीएमएचओ ने कार्रवाई करने की बात कही है। अब स्वास्थ्य विभाग के टीम द्वारा मंगलवार को दोबारा जांच अभियान चलाया जाएगा।






