उमरिया: सरकारी जमीन के अतिक्रमण पर करीब 1 करोड़ रुपये का जुर्माना, 15 दिन में जमा करने का आदेश

न्यायालय अपर कलेक्टर ने मामले में सुनवाई करते हुए सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने के जुर्म में करीब 1 करोड रुपए का अर्थ दंड लगाया है। जिसे जमा करने के लिए केवल 15 दिन का समय दिया गया है।
Umaria News

Umaria News : मध्य प्रदेश के उमरिया जिले से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है, जहां सरकार के नियमों का उल्लंघन करना एक इंसान को काफी ज्यादा महंगा पड़ गया है।

न्यायालय अपर कलेक्टर ने मामले में सुनवाई करते हुए सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने के जुर्म में करीब 1 करोड रुपए का अर्थ दंड लगाया है। जिसे जमा करने के लिए केवल 15 दिन का समय दिया गया है।

लगाया जुर्माना

बता दें कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करते हुए लीज पट्टी की शर्तों का उल्लंघन किया गया है। जिस पर सिविल न्यायालय ने सुनवाई की है। जिसकी लगातार शिकायतें मिल रही थी। इस दौरान सरकारी जमीन से अतिक्रमण को हटाने का आदेश दिया है। बता दें कि यह जिले का पहला मामला होगा, जब अतिक्रमणकारी को सरकार के नियमों के विपरीत जाना इतना महंगा पड़ा है और उस पर इतना बड़ा जुर्माना लगाया गया है। यह अब पूरे जिले में चर्चा का भी विषय बना हुआ है।

जानें मामला

दरअसल, सालों से बांधवगढ़ होटल चलाया जा रहा है। जिसे लीज सरकार को यह कह कर लिया गया था कि रहवासी यहां पर परियोजना करेगा, लेकिन इस व्यवसाय बना दिया गया। केवल इतना ही नहीं, आसपास में पड़ी खाली जमीन पर भी कब्जा कर लिया गया, जिसे दोषी मानते हुए जिला सत्र न्यायालय में सुनवाई की गई और भूमि खाली करने का फरमान जारी किया गया है। साथ ही 15 दिन के अंदर जुर्माना ना करने पर आगे और भी ठोस कदम उठाए जा सकते हैं।

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उमरिया, ब्रजेश श्रीवास्तव

Sanjucta Pandit
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सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
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