उमरिया में कांग्रेस पार्टी की गुटबाजी एक बार आई सामने आई है कांग्रेस के नव नियुक्त जिला अध्यक्ष विजय कोल के प्रथम आगमन पर पार्टी के दिग्गज नेता, पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष कार्यक्रम में दिखाई नहीं दिए, मीडिया ने जब विजय कोल से इसपर सवाल किया तो उन्होंने कहा कोई नाराजगी है तो मिलकर दूर की जाएगी।

उमरिया कांग्रेस की कमान मिलने के बाद नवनियुक्त जिलाध्यक्ष विजय कोल पहली बार उमरिया पहुंचे। जैसे ही वे उमरिया-कटनी सीमा पर पहुंचे, पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों और पुष्पवर्षा के बीच विजय कोल का काफिला जिले की सीमा में प्रवेश किया। समर्थक कार्यकर्ताओं ने फूलमालाओं से स्वागत कर शक्ति-प्रदर्शन का प्रयास भी किया।

नए जिला अध्यक्ष के स्वागत में सक्रिय धड़ा गायब 

हालांकि इस स्वागत समारोह में कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी खुलकर सामने आ गई। पार्टी के दिग्गज नेता और पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष के साथ पार्टी का एक बड़ा धड़ा, जो अब तक संगठन में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है, पूरी तरह नदारद दिखाई दिया। नए जिलाध्यक्ष की अगवानी में उनकी अनुपस्थिति ने साफ कर दिया कि जिले में गुटीय राजनीति अभी भी हावी है। कांग्रेस की एकता दिखाने का यह मौका, अंततः विभाजन का संदेश देता नजर आया।

दिग्गज नदारद रहे, चर्चाओं का बाजार गर्म

स्थानीय राजनीतिक गलियारों में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। लोग इसे उस कहावत से जोड़कर देख रहे हैं कि “शादी में दूल्हे के फूफा नाराज़ हो गए”। यानी स्वागत तो भव्य हुआ, लेकिन पार्टी का दूसरा पक्ष खुद को उपेक्षित महसूस करता रहा। विजय कोल ने स्वागत से उत्साहित होकर कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया और कहा कि वे जिले में संगठन को मजबूती देने का काम करेंगे।

कांग्रेस में दिखाई दी गुटबाजी 

उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस की असली ताकत कार्यकर्ता हैं और सभी को साथ लेकर आगे बढ़ना उनकी प्राथमिकता होगी। फिर भी, इस आयोजन ने कांग्रेस के भीतर मौजूद मतभेदों को उजागर कर दिया है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि विजय कोल संगठन की इस गुटबाजी को कैसे दूर करते हैं और जिले में कांग्रेस को मजबूती की राह पर ले जाते हैं।

उमरिया से बृजेश श्रीवास्तव की रिपोर्ट