उमरिया जिला अस्पताल के सिविल सर्जन पर गंभीर आरोप, कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश, टीम गठित

युवक ने आरोप लगाया है कि सिविल सर्जन ने उसके साथ अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने का प्रयास किया। युवक ने मौका देखकर परिजनों को फोन कर दिया जो मौके पर पहुंच गए, जिसके चलते वह कथित तौर पर किसी बड़ी घटना का शिकार होने से बच गया।
Serious allegations against Umaria Civil Surgeon

Serious allegations against Umaria Civil Surgeon

उमरिया जिले के स्वास्थ्य महकमे को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। जिला अस्पताल उमरिया के सिविल सर्जन डॉ केसी सोनी पर एक 20 वर्षीय युवक ने अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने के प्रयास का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद पूरे जिले में चर्चा का माहौल बना हुआ है और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

जानकारी के अनुसार पीड़ित युवक ने आरोप लगाया है कि सिविल सर्जन ने उसके साथ अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने का प्रयास किया। युवक ने मौका देखकर परिजनों को फोन कर दिया जो मौके पर पहुंच गए, जिसके चलते वह कथित तौर पर किसी बड़ी घटना का शिकार होने से बच गया। घटना के बाद युवक और उसके साथियों ने सिविल सर्जन को मौके पर पकड़ लिया तथा कोतवाली पहुंचकर शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की।

सिविल सर्जन पर कार्रवाई नहीं होने से लोग नाराज 

इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में सिविल सर्जन को लेकर शिकायत किए जाने की बात सामने आ रही है। हालांकि, आरोपों के बावजूद तत्काल स्तर पर सिविल सर्जन के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।

पीड़ित युवक ने कलेक्टर को सुनाई आपबीती 

बताया जा रहा है कि घटना के अगले दिन पीड़ित युवक ने उमरिया कलेक्टर से मुलाकात कर अपनी आपबीती सुनाई और न्याय की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल संज्ञान लिया और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए एक जांच टीम गठित कर दी है।

कलेक्टर ने ADM को सौंपी जांच  

कलेक्टर के निर्देश पर अपर जिला दंडाधिकारी (एडीएम) को मामले की जांच सौंपी गई है। जांच टीम सभी पक्षों के बयान दर्ज कर साक्ष्यों का परीक्षण किया जाऐगा। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद तथ्य सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

इस मामले ने जिले के स्वास्थ्य विभाग की छवि को झटका पहुंचाया है। आम जनता और विभिन्न सामाजिक संगठनों की निगाहें अब प्रशासनिक जांच पर टिकी हुई हैं। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो सिविल सर्जन के खिलाफ बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल पूरे मामले की सच्चाई जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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