आरटीआई के तहत जानकारी मांगी तो उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य ने दी धमकी, पीड़ित ने एसपी से की शिकायत

आरटीआई कार्यकर्ता विनायक भट्ट ने कहा कि प्राचार्य ने अपशब्द कहे और धमकी देते हुए कहा कि तेरा एक पैर टूटा है दूसरा तोड़ दूंगा , मैं लोकल का रहने वाला हूँ ।
Umaria News

Umaria News : उमरिया जिला मुख्यालय के उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य के द्वारा आरटीआई के‌‌ तहत जानकारी मांगने वाले को धमकी देने का मामला सामने आया है पीड़ित आरटीआई एक्टिविस्ट का कहना है कि प्राचार्य  ने कहा  एक पैर टूटा है दूसरा तोड़ दूंगा मैं यहां का लोकल रहने वाला हूं। मामले की शिकायत आरटीआई कार्यकर्ता ने पुलिस अधीक्षक की है।

मामला उमरिया जिले के उत्कृष्ट विद्यालय का है जहां प्राचार्य द्वारा वर्षों पुराने कुएं को बंद करवा कर उस पर चबूतरा बना दिया गया है इस बात की जानकारी आरटीआई कार्यकर्ता ने मांगी थी तो प्राचार्य के द्वारा आरटीआई की जानकारी तो नहीं दी और धमकी दे दी।

प्राचार्य बोले – तेरा एक पैर टूटा है दूसरा तोड़ दूंगा

आरटीआई कार्यकर्ता विनायक भट्ट ने कहा कि प्राचार्य ने अपशब्द कहे और धमकी देते हुए कहा कि तेरा एक पैर टूटा है दूसरा तोड़ दूंगा , मैं लोकल का रहने वाला हूँ  जिसकी शिकायत आरटीआई कार्यकर्ता ने उमरिया के पुलिस अधीक्षक से की है, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिपाल सिंह महोबिया ने कहा शिकायत आई है जाँच के बाद एक्शन लिया जायेगा।

पुलिस प्रशासन से न्याय की उम्मीद  

कहते हैं शिक्षक भगवान का वह रूप है जो बच्चों को को सही राह दिखा कर इंसान का रूप प्रदान करता है मगर यहां तो शिक्षा के मंदिर में बैठे हुए प्राचार्य इस तरह की बात करके सरकार और समाज दोनों को शर्मिंदा करने का कार्य कर रहे हैं एक तो जल स्रोत को खत्म कर कानून अपराध किया और जब आरटीआई के कार्यकर्ता ने इसकी जानकारी चाहिए तो उसे पैर तोड़ने की धमकी दे दी अब जिला प्रशासन ऐसे प्राचार्य पर क्या कार्यवाही करता है यह तो समय के गर्भ में है।

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उमरिया से ब्रजेश श्रीवास्तव की रिपोर्ट 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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