उमरिया डीपीएस स्कूल फिर विवादों में, ‘एनसीईआरटी बोर्ड’ लिखे बोर्ड और मारपीट के आरोप से बढ़ा बवाल

उमरिया का डीपीएस हायर सेकेंडरी स्कूल एक बार फिर चर्चा में आ गया है। एक तरफ तो विद्यालय के बोर्ड पर लिखा एनसीआरटी बोर्ड इंग्लिश मीडियम चर्चा में बन हुआ है। वहीं दूसरी तरफ एक अभिभावक ने फीस भरने के दौरान मारपीट का आरोप लगाया है।
Umaria

उमरिया जिले का चर्चित स्कूल डीपीएस एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है। दरअसल इस बार स्कूल दो अलग-अलग बातों को लेकर चर्चा में है। पहले तो यह कि विद्यालय के बाहर लगे बोर्ड में एनसीईआरटी बोर्ड इंग्लिश मीडियम लिखा हुआ है। लोगों का कहना है कि इस तरह का बोर्ड अभिभावकों को भ्रमित करता है। वहीं एक मामला फीस जमा करने के दौरान मारपीट का है।

बोर्ड को लेकर विवाद 

स्कूल के बाहर लगे बोर्ड को लेकर अभिभावकों का कहना है कि इसपर लिखा हुआ एनसीईआरटी बोर्ड इंग्लिश मीडियम कोई शिक्षा बोर्ड नहीं है बल्कि पाठ्य पुस्तकों और शैक्षणिक सामग्री तैयार करने वाली राष्ट्रीय संस्था है। ऐसे में इस तरह से प्रचार लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा कर सकता है।

अभी तक नहीं हुई कार्रवाई

इस मामले में लेकर लोगों का कहना है कि विद्यालय परिसर के बाहर लंबे समय से बोर्ड लगा हुआ है लेकिन अब तक संबंधित अधिकारियों की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। यह सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या जरा शिक्षा विभाग और अन्य जिम्मेदार अधिकारी इस मामले से अनजान है या कुछ जानबूझकर इसका ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अभिभावकों का कहना है कि शिक्षा से जुड़े मामले में पारदर्शिता और सही जानकारी देना संस्थान की जिम्मेदारी है।

छात्र और अभिभावक से मारपीट

बोर्ड पर भ्रमित जानकारी लिखे होने की चर्चा तो हो ही रही थी इसी बीच उमरिया थाना में एक शिकायत दर्ज करवाई गई है। इस शिकायत में यह बताया गया है की फीस जमा करने के दौरान हुए विवाद में विद्यालय के प्राचार्य और कुछ शिक्षकों ने एक छात्र और अभिभावक के साथ गाली गलौज कर मारपीट की है। मामला पुलिस तक पहुंचा जहां दोनों पक्षों ने अपने आवेदन दिए हैं।

DPS School

स्कूल प्राचार्य का क्या कहना

इस बारे में स्कूल प्राचार्य का कहना है कि उनके खिलाफ की गई शिकायत पूरी तरह से गलत है। अभिभावक के बारे में बात करते हुए प्राचार्य ने कहा कि मेरे पास फोन आए थे और अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया और दूसरे दिन अभिभावक चार पांच गुंडो को लेकर स्कूल पहुंचा। उसने परिसर में गाली गलौज शुरू कर दी। मारपीट किए जाने के मामले में प्राचार्य का कहना है की मारपीट नहीं की गई है धक्का मुक्की हुई है क्योंकि अगर कोई परिसर में आकर अपशब्दों का इस्तेमाल करेगा तो हमें उसे बाहर करना ही पड़ेगा। उन्होंने सारी रिकॉर्डिंग और सबूत होने का भी दावा किया। प्राचार्य ने यह भी कहा है कि स्कूल की छवि खराब करने के उद्देश्य से यह सब कुछ प्लानिंग के साथ किया गया है।

पुलिस का क्या कहना

इस मामले में उमरिया थाना एसडीओपी पी एस परस्ते का कहना है कि दोनों पक्षों की ओर से मारपीट के आवेदन एक दूसरे के खिलाफ पुलिस के समक्ष पेश किए गए हैं। ऐसे में दोनों ही पक्षों को बुलाकर उनके बयान लिए जाएंगे और मामले की सत्यता की जांच कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

बृजेश श्रीवास्तव की रिपोर्ट

Diksha Bhanupriy
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