उमरिया: मध्यप्रदेश के उमरिया जिले के ग्राम मगरघरा में मछली पकड़ने के दौरान करंट लगने से एक युवक की मौत हो गई। घटना के बाद उसके साथ मौजूद दो दोस्तों ने मामले को छिपाने के लिए शव को गड्ढा खोदकर दफना दिया और मौके से फरार हो गए।
जानकारी अनुसार, युवक के लापता होने के बाद परिजनों ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस जांच में पूरे मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ और जांच के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि मृतक और उसके दो दोस्त घर से नदी में मछली पकड़कर पार्टी करने की योजना बनाकर निकले थे। तीनों ने मछली पकड़ने के लिए उन्होंने कथित तौर पर बिजली चोरी कर नदी में बिजली का तार डालने की योजना बनाई। जैसे ही बिजली का तार नदी के पानी में डाला गया, उसी दौरान एक युवक करंट की चपेट में आ गया। करंट का तेज झटका लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
अचानक हुई इस घटना से घबराए दोनों दोस्तों ने पुलिस और परिजनों को सूचना देने के बजाय घटना को छिपाने का फैसला किया। दोनों ने मिलकर नदी के पास एक गड्ढा खोदा और मृतक युवक के शव को उसमें दफना दिया। इसके बाद दोनों वहां से चले गए।
परिजनों ने थाने में दर्ज कराई गुमशुदगी की रिपोर्ट
जब युवक घर नहीं पहुंचा तो उसके परिजन परेशान हो गए और उसकी तलाश करने लगे। तलाश के दौरान जब युवक की कोई जानकारी नहीं मिली, तब परिजनों ने थाने में पहुंचकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी। पुलिस की टीम ने गांव और आसपास के इलाकों में तलाश की।
पुलिस ने जमीन में दफन युवक का शव निकाला बाहर
इधर, परिजनों की तलाश भी जारी थी। तभी तलाश के दौरान परिजनों को एक स्थान पर ताजी मिट्टी दिखाई दी। उन्हें शक हुआ कि वहां कुछ छिपाया गया है। परिजनों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और संदिग्ध स्थान पर खुदाई कराई। खुदाई के दौरान युवक का शव बरामद हुआ।
पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की और मामले की गहन जांच की। जांच के दौरान मृतक के दोनों दोस्तों की भूमिका सामने आई। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायालय के आदेश पर उन्हें जेल भेज दिया गया।
उमरिया से ब्रजेश श्रीवास्तव की रिपोर्ट





