
भ्रष्टाचार मुक्त मध्य प्रदेश बनाने के मुख्यमंत्री के प्रयासों को उनके ही मुलाजिम कैसे चूना लगा रहे हैं इसका उदाहरण उमरिया में सामने आया है, यहाँ एक पंचायत के पंच उनके यहाँ हो रहे भ्रष्टाचार की शिकायतें कई बार कर चुके लेकिन उनके आवेदनों को कोई तबज्जो नहीं मिली आज उन्होंने प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए एक अनोखा प्रदर्शन किया।
उमरिया में जनसुनवाई के दौरान भ्रष्टाचार को लेकर एक पंचायत के पंचों ने अनोखा प्रदर्शन किया, ये पंच भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर कई बार जिला प्रशासन एवं कई बार ब्लॉक के अधिकारियों को भी आवेदन दे चुके थे जब उसकी सुनवाई नहीं हुई तो वह पूरे आवेदन की एक माला बनाकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर धरने पर बैठ गए और मांग की अगर मेरे आवेदनों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई तो मैं यही बैठा रहूंगा।
भ्रष्टाचार की शिकायतों पर कार्रवाई के लिए अनोखा प्रदर्शन
उमरिया कलेक्ट्रेट कार्यालय में पहुंचे पंच अपनी पंचायत में हुए भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए, इनका कहना है कि हमारे ग्राम मझौली में हुए भ्रष्टाचार के आवेदनों पर कहीं कोई कार्यवाही नहीं होती इसलिए जनसुनवाई के दौरान यह एक अनोखा प्रदर्शन किया है शायद प्रशासन का ध्यान इस तरफ चला जाए।
बैठे धरने पर, प्रशासन का आश्वासन जाँच के बाद होगा एक्शन
गले में आवेदनों की माला पहने पंच जनरल सिंह मरावी ने कहा कि हम लोग चुने हुए प्रतिनिधि हैं लेकिन चुनाव के बाद से आज तक हमें कभी मीटिंग में नहीं बुलाया जाता, वहां मनरेगा सहित अन्य कार्यों में भ्रष्टाचार होता है जिसकी शिकायतें कलेक्टर, जिला पंचायत सब जगह दे दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती,पंचों का आवेदन लेने के बाद करकेली की सीईओ हरनीत कौर ने कहा कि हमें आवेदन लिया है इसके लिए टीम का गठन आकर जांच कराई जाएगी, जो दोषी होगा उसपर एक्शन होगा।
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उमरिया से बृजेश श्रीवास्तव की रिपोर्ट
पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

