
उत्तर प्रदेश की मैनपुरी से समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद डिंपल यादव पर विवादित टिप्पणी करने वाले मौलाना साजिद रशीदी की पिटाई का वीडियो सामने आया है। यह घटना नोएडा स्थित एक न्यूज चैनल के टीवी स्टूडियो में हुई, जहां मौलाना किसी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। वीडियो में देखा जा सकता है कि मौलाना जैसे ही खड़े होते हैं, कुछ युवक अचानक आगे बढ़ते हैं और उन पर थप्पड़ों की बौछार कर देते हैं।
जानकारी के मुताबिक, मौलाना पर हमला करने वाले युवक समाजवादी पार्टी से जुड़े कार्यकर्ता हैं। वीडियो में दिख रहे युवकों की पहचान सपा अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव श्याम सिंह भाटी, सपा छात्रसभा के जिलाध्यक्ष मोहित नागर और छात्रसभा के प्रदेश सचिव प्रशांत भाटी के रूप में हुई है।
मौलाना साहब रेल दिए गए 😂
समाजवादी साथियों रीट्वीट रुकना नहीं चाहिए ! pic.twitter.com/9GNgatPj5Y
— Aadhya Yadav (@Aadhyayadavv) July 29, 2025
क्या बोले सपा कार्यकर्ता?
घटना के बाद हमलावर युवकों ने बयान दिया कि उन्होंने मौलाना को सजा दी है क्योंकि वह अपनी राष्ट्रीय नेता डिंपल यादव का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकते। उनका कहना है कि मौलाना की टिप्पणी बेहद आपत्तिजनक और असभ्य थी, जो किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है।
क्या कहा था मौलाना साजिद रशीदी ने?
कुछ दिन पहले मौलाना साजिद रशीदी ने डिंपल यादव के मस्जिद दौरे को लेकर उनके पहनावे पर विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा था,
“मैं एक फोटो दिखाता हूं, जिसे देखकर शर्मा जाएंगे। मैं किसी का नाम नहीं लेता लेकिन सभी जानते हैं, जो मोहतरमा उनके साथ थीं वो तो मुस्लिम पहनावे में थीं, सिर ढका हुआ था। दूसरी मोहतरमा थीं डिंपल यादव। उनकी पीठ का फोटो देख लीजिए, नंगी बैठी हैं।”
इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा हो गया था। सपा समर्थकों ने इसे डिंपल यादव के प्रति अशोभनीय बताया और विरोध जताया।
वीडियो वायरल
घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में नज़र आ रहा है कि मौलाना स्टूडियो में शांत खड़े हैं, तभी कुछ युवक तेजी से आते हैं और उन्हें घेर लेते हैं। पलक झपकते ही थप्पड़ों की बारिश शुरू हो जाती है। मौलाना जब तक कुछ समझ पाते, तब तक कई थप्पड़ लग चुके थे।
फिलहाल क्या स्थिति है?
अब तक इस मामले में कोई पुलिस केस दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि मौलाना की तरफ से प्रतिक्रिया आनी बाकी है। इस घटना ने राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है और टीवी डिबेट की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
