लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर एक गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया है कि भाजपा फर्जी ‘फॉर्म 7’ का इस्तेमाल कर PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज के मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटवा रही है। अखिलेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए इस मामले में माननीय न्यायालय से संज्ञान लेने की अपील की है।
चुनाव आयोग की भूमिका पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि यह धांधली रुक नहीं रही है, जबकि इस बारे में आयोग से बार-बार अपील की जा चुकी है। उन्होंने कहा, “सिवाय निर्वाचन आयोग के ये बात सबको पता है।” सपा अध्यक्ष ने मांग की है कि चुनाव आयोग फॉर्म 7 के दुरुपयोग को एक बड़ा अपराध घोषित करे और इसके गैरकानूनी इस्तेमाल की सजा के बारे में विज्ञापन प्रकाशित कर भाजपा और उसके सहयोगियों को चेतावनी दे।
“भाजपाई घपलेबाज ख़ुद से फ़ार्म 7 छापकर, नक़ली हस्ताक्षर करके पीडीए समाज के वोटरों, विशेष रूप से अल्पसंख्यक समाज का वोट कटवाने में लगे हैं।” – अखिलेश यादव, सपा अध्यक्ष
मीडिया और पत्रकारों से की खास अपील
अखिलेश यादव ने इस मुद्दे को उठाने के लिए मीडिया से भी गुहार लगाई है। उन्होंने सभी न्यूज़ चैनलों, अखबारों, स्थानीय यूट्यूबर्स और पत्रकारों से इस ‘महा-घोटाले’ का पर्दाफाश करने की अपील की। उन्होंने कहा, “हर पत्रकार से अपील है, अपना मीडिया धर्म निभाएं, लोकतंत्र बचाएं!” यादव ने यह भी आश्वासन दिया कि जो भी मीडिया संस्थान इस खबर को दिखाएगा, सपा उसके साथ खड़ी रहेगी और उनकी विश्वसनीय रिपोर्ट को देश-प्रदेश के सामने रखेगी।
अपने पोस्ट के अंत में उन्होंने एक चेतावनी भरे लहजे में लिखा, “कहीं ऐसा न हो कि मुख्य चुनाव आयुक्त को चेताने के लिए कोई उनका ही नाम फ़ार्म सात का इस्तेमाल करके साफ़ कर दे।” उन्होंने यह भी सवाल किया कि “चुनाव आयोग किसके साथ योग कर रहा है?”





