पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर नेपाल तक सड़क मार्ग से जाने वाले लोगों को अब सिक्स लेन हाईवे की सुविधा मिलने वाली है। केंद्र सरकार ने पूर्वी यूपी की तराई, अंतरराष्ट्रीय बौद्ध तीर्थ श्रावस्ती और पड़ोसी देश नेपाल को जोड़ने वाले मार्ग को सिक्स लेन हाईवे में विकसित करने की मंजूरी दे दी है।
केंद्र सरकार के इस कदम के बाद 27,927 करोड़ रुपए की लागत से इस परियोजना को पूरा किया जाएगा। इससे न केवल सीमावर्ती जिलों को कनेक्टिविटी मजबूत होगी बल्कि व्यापार, पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
हाईवे बनेगा सिक्स लेन
153 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग के छह लेन में तब्दील होने के बाद बहराइच, बाराबंकी, बलरामपुर, गोंडा और श्रावस्ती जिले के लोगों को सीधा लाभ मिलने वाला है। इससे दुधवा, कतर्निया घाट और सोहेलवा जैसे पर्यटक स्थलों तक पहुंचना पहले से ज्यादा आसान हो जाएगा। परियोजना के तहत इस लंबे मार्ग को आधुनिक संसाधनों से उपयुक्त बनाया जाएगा।
रोजाना गुजरते हैं 20 हजार से ज्यादा वाहन
ये राष्ट्रीय राजमार्ग बाराबंकी से बहराइच होकर नेपाल सीमा स्थित रुपईडीहा तक जाता है। अंतर्राष्ट्रीय आवागमन के लिहाज से इसे काफी महत्वपूर्ण माना गया है। 24 घंटे में इस मार्ग से औसतन 20 हजार वाहन गुजरते हैं। साल 2014 के पहले 1600 करोड रुपए से इस सड़क का निर्माण किया गया था। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से चार चरण का सर्वे पूरा किया जा चुका है। सड़क के दोनों और छह लेन भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है।
पुल का होगा निर्माण
इस मार्ग पर सरयू नदी के ऊपर संजय सेतु बना हुआ है जो जर्जर अवस्था में है। जोड़ वाले हिस्से में दरार बढ़ गई है जिससे यातायात दबाव का खतरा नजर आ रहा है। नई परियोजना के तहत सरयू नदी पर दूसरा पुल बनाया जाएगा। सरयू, शारदा और कल्याणी की सहायक नहरों पर पुल सहित 8 सेतुओं के निर्माण का काम भी प्रस्तावित है।





