देशभर में घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। वहीं नई दरें रविवार रात 12 बजे से लागू हो गई हैं, जिसके बाद 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये तक का इजाफा हुआ है।दरअसल इस फैसले से करोड़ों परिवारों के मासिक बजट पर सीधा असर पड़ने वाला है।
राजधानी दिल्ली में अब घरेलू एलपीजी सिलेंडर 913 रुपये से बढ़कर 942 रुपये का हो गया है। यह बढ़ोतरी केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के विभिन्न शहरों में भी नई दरें लागू कर दी गई हैं। ऐसे समय में गैस की कीमत बढ़ी है जब आम लोग पहले से ही बढ़ती महंगाई और रोजमर्रा के खर्चों से परेशान हैं। वहीं सरकारी तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण एलपीजी की लागत बढ़ी है। कंपनियों के अनुसार, लंबे समय से घरेलू सिलेंडरों पर नुकसान उठाया जा रहा था, जिसके चलते कीमतों में संशोधन करना जरूरी हो गया। इससे पहले मार्च महीने में भी एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी।
अखिलेश यादव ने भाजपा को घेरा
वहीं गैस सिलेंडर महंगा होने के बाद विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने महंगाई को लेकर सरकार पर तंज कसा। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने तो शायराना अंदाज में सरकार पर तंज कसते हुए कहा है कि ‘रोटी के महंगे होने से थाली गई रूठ, बीजेपी से अब तो हर आस गई टूट’। अखिलेश यादव का यह बयान सीधे तौर पर उन करोड़ों परिवारों की पीड़ा को दर्शाता है जिनकी थाली से अब रोटी भी दूर होती दिख रही है।
कांग्रेस ने भी साधा निशाना
वहीं, कांग्रेस पार्टी ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कांग्रेस ने लिखा, ‘महंगाई मैन मोदी’ का चाबुक फिर चला है। अब घरेलू गैस सिलेंडर 29 रुपए महंगा कर दिया गया। खासतौर पर मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए रसोई का बजट संभालना और मुश्किल हो सकता है। फिलहाल लोगों को आने वाले समय में राहत मिलने की उम्मीद बनी हुई है, लेकिन मौजूदा बढ़ोतरी ने एक बार फिर महंगाई को बड़ा मुद्दा बना दिया है।






