LPG की कमी के बीच महंगाई की मार, बढ़े कोयला-लकड़ी के दाम, इलेक्ट्रिक इंडक्शन की बढ़ी मांग

गैस सिलेंडर की कमी का सामना कर रहे हैं लोगों को अब महंगाई भी आंख दिख रही है। एलपीजी के दाम पहले से बढ़ चुके हैं और यह समय पर मिल भी नहीं पा रही। इसी बीच अब कोयला और लकड़ी के दामों ने भी रफ्तार पकड़ ली है।
Amidst LPG Crisis burden of inflation mounts coal and firewood prices rise driving up demand for electric induction cooktops

मिडिल ईस्ट की जंग ने दुनिया भर में अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। जंग की वजह से जहां कमर्शियल सिलेंडर मिलना बंद हो गए हैं। वहीं घरेलू सिलेंडर लेने में भी लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सिलेंडर की कमी की वजह से चाय और फास्ट फूड स्टॉल सहित होटल और रेस्टोरेंट के बंद होने की नौबत आ गई है। कुछ जगहों पर तो दुकानदारों ने चूल्हे और भट्टी का उपयोग करना शुरू कर दिया। जो लोग चूल्हे नहीं जला सकते हैं उनके सामने समस्या खड़ी हो गई है।

देश में पहले सिलेंडर के भाव में तेजी देखने को मिली। उसके बाद अचानक व्यवसायिक सिलेंडर की बिक्री पर रोक लगा दी गई। इससे आम जनता में काफी खलबली मच गई है। वैसे यह परेशानी केवल सिलेंडर तक सीमित नहीं है बल्कि कोयला और लकड़ी के दामों ने भी रफ्तार पकड़ ली है। चलिए जान लेते हैं कि दाम क्या हो गए हैं।

बढ़े कोयला और लकड़ी के दाम

उत्तर प्रदेश की बात करें तो यहां पर लोगों ने भट्टी खरीदना शुरू कर दिया है। हालांकि मौके का फायदा उठाते हुए 500 से 800 रुपए की भट्टी 2 से 3000 में बेची जा रही है। जो कोयले 25 रुपए किलो बिक रहे थे वह 40 पर पहुंच गए हैं और कहीं-कहीं इनका भाव 50 रुपए किलो है।

बढ़ी इंडक्शन की मांग

केवल कोयला ही नहीं लकड़ी भी महंगी हो गई है। 20 रुपए किलो की लकड़ी 30 रुपए किलो में बेची जा रही है। घरेलू सिलेंडर के डिलीवरी समय से नहीं हो पा रही है जिसकी वजह से इलेक्ट्रॉनिक कुकिंग इंडक्शन बाजार में डिमांड पर है। इसकी बिक्री 50% बढ़ चुकी। लोगों को रोटी सेंकने वाला इंडक्शन और ऊपर से जाली लगा हुआ इंडक्शन चाहिए ताकि कोई भी बर्तन रखकर भोजन बना सकें। ब्रांडेड कंपनी के ये इंडक्शन 2200 से 3000 रुपए तक मिल रहे हैं।

Diksha Bhanupriy
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10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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