सपा सांसद अवधेश प्रसाद के राम रसोई बंद होने के दावे पर प्रबंधन का पलटवार, कहा- ‘अधूरी जानकारी पर बयानबाजी’

अयोध्या में राम भक्तों के लिए संचालित निशुल्क राम रसोई को लेकर सियासत गरमा गई है। सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने इसके बंद होने का दावा करते हुए 15 मार्च से धरने की चेतावनी दी, जिसके जवाब में प्रबंधन ने कहा कि रसोई कभी बंद नहीं हुई और सांसद का बयान अधूरी जानकारी पर आधारित है।
सपा सांसद अवधेश प्रसाद के राम रसोई बंद होने के दावे पर प्रबंधन का पलटवार, कहा- ‘अधूरी जानकारी पर बयानबाजी’

रामनगरी अयोध्या में रामलला के भक्तों के लिए संचालित हो रही ‘राम रसोई’ पर समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अवधेश प्रसाद के बयान के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। सांसद ने रसोई बंद होने का आरोप लगाते हुए 15 मार्च से धरना देने की चेतावनी दी थी, जिस पर अब राम रसोई प्रबंधन ने पलटवार किया है। प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि रसोई लगातार चल रही है और इसे बंद करने की बात पूरी तरह गलत और भ्रामक है।

यह पूरा मामला तब सामने आया जब फैजाबाद (अयोध्या) से नवनिर्वाचित सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने राम रसोई के संचालन को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि रसोई बंद कर दी गई है और इसके विरोध में वह धरना देंगे। उनके इस बयान के बाद राम रसोई के प्रबंधन ने सामने आकर स्थिति साफ की है।

प्रबंधन ने आरोपों को किया खारिज

राम रसोई के प्रबंधक ने सांसद के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि रसोई का संचालन कभी भी बंद नहीं हुआ। उन्होंने स्वीकार किया कि हाल ही में गैस सप्लाई की कुछ दिक्कतों के कारण संचालन के समय में मामूली बदलाव किया गया था, लेकिन भोजन सेवा निर्बाध रूप से जारी रही।

“राम रसोई कभी बंद नहीं हुई। सांसद अवधेश प्रसाद को बयान देने से पहले यहां आकर सही जानकारी लेनी चाहिए थी। अगर वह स्वयं यहां आकर व्यवस्था देखें, तो उन्हें वास्तविक स्थिति का पता चल जाएगा।” — राम रसोई प्रबंधक

प्रबंधन का कहना है कि इस तरह के बयान अधूरी जानकारी पर आधारित हैं और इससे भक्तों के बीच गलत संदेश जाता है।

क्या है राम रसोई और इसका महत्व?

रामनगरी अयोध्या के अमावा राज मंदिर परिसर में स्थित यह राम रसोई पटना के महावीर मंदिर ट्रस्ट द्वारा संचालित की जाती है। इसकी शुरुआत 1 दिसंबर 2019 को स्मृति शेष आईपीएस अधिकारी किशोर कुणाल की पहल पर हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य राम मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को निशुल्क भोजन (प्रसाद) उपलब्ध कराना है।

  • स्थान: अमावा राज मंदिर परिसर, अयोध्या
  • संचालक: महावीर मंदिर पटना ट्रस्ट
  • शुरुआत: 1 दिसंबर 2019
  • क्षमता: प्रतिदिन लगभग 10,000 से 25,000 श्रद्धालुओं को भोजन

राम मंदिर निर्माण के साथ ही शुरू हुई यह व्यवस्था हजारों भक्तों के लिए एक बड़ा सहारा है, जो दूर-दूर से दर्शन के लिए अयोध्या आते हैं। ऐसे में इसके बंद होने की खबर से भ्रम फैलना स्वाभाविक था, जिसे अब प्रबंधन ने दूर करने का प्रयास किया है।

Banshika Sharma
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कंटेंट राइटर

मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
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