महोबा: उत्तर प्रदेश के महोबा में योगी सरकार के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को अपनी ही पार्टी के विधायक के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। पेयजल संकट और खराब सड़कों से नाराज चरखारी विधानसभा से BJP विधायक बृजभूषण सिंह राजपूत ने अपने समर्थकों के साथ मंत्री का काफिला रोक लिया, जिसके बाद मौके पर जमकर हंगामा हुआ।
यह घटना उस वक्त हुई जब मंत्री स्वतंत्र देव सिंह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के एक कार्यक्रम से लौट रहे थे। विधायक और उनके समर्थकों ने मंत्री को घेर लिया, जिससे दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।
सड़क पर मंत्री-विधायक में तीखी नोकझोंक
विधायक बृजभूषण राजपूत अपने क्षेत्र में ‘नमामि गंगे’ योजना के तहत बिछाई गई पाइपलाइन से पानी की आपूर्ति न होने और खोदी गई सड़कों की मरम्मत न होने से बेहद नाराज थे। जैसे ही मंत्री का काफिला गुजरा, विधायक का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने मंत्री के सामने ही अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया। बात इतनी बढ़ी कि मंत्री और विधायक के समर्थकों व सुरक्षाकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प हो गई। इस दौरान मौके पर जमकर नारेबाजी भी हुई।
डेढ़ घंटे DM दफ्तर में चली बैठक
सड़क पर विवाद बढ़ता देख मंत्री स्वतंत्र देव सिंह खुद विधायक बृजभूषण राजपूत को लेकर DM कार्यालय पहुंचे। यहां सभी ग्राम प्रधानों और संबंधित अधिकारियों के साथ करीब डेढ़ घंटे तक बैठक चली। इस हाई-प्रोफाइल ड्रामे के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया। मुख्य गेट पर ताला लगाकर किसी की भी आवाजाही रोक दी गई और बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
विधायक ने दी लखनऊ में घेराव की धमकी
बैठक के बाद विधायक बृजभूषण राजपूत ने बताया कि मंत्री ने अधिकारियों को समस्या के समाधान के लिए 20 दिन का समय दिया है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर तय समय में काम पूरा नहीं हुआ तो वे चुप नहीं बैठेंगे।
“मंत्री जी ने अधिकारियों को 20 दिन में समस्या का निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं। ऐसा नहीं करने पर कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी है। अगर 20 दिन में समस्या का निस्तारण नहीं किया जाएगा तो हम ग्राम प्रधानों के साथ लखनऊ जाकर मंत्री जी का घेराव करेंगे।”- बृजभूषण सिंह राजपूत, विधायक, चरखारी
इस पूरे घटनाक्रम ने भाजपा के भीतर मंत्रियों और विधायकों के बीच समन्वय की कमी को उजागर कर दिया है। सार्वजनिक तौर पर हुए इस विवाद ने प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, जिससे पार्टी की फजीहत होना तय माना जा रहा है।





