अयोध्या: अपना दल (कमेरावादी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और सिराथू से विधायक पल्लवी पटेल ने शुक्रवार को अयोध्या के गांधी पार्क में जिला प्रशासन के खिलाफ एक बड़े विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया। इस धरने में कुर्मी समाज और भारतीय किसान यूनियन के सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग कुछ दिन पहले दर्ज हुए 95 मुकदमों को वापस लेने की थी।
जानें क्या है पूरा मामला?
यह पूरा विवाद थाना तारुन क्षेत्र में शिवकुमार वर्मा नामक व्यक्ति के साथ हुई मारपीट की घटना से जुड़ा है। इस घटना के बाद सैकड़ों लोगों ने थाने का घेराव किया था, जिसके बाद पुलिस ने 95 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। इन आरोपियों में माफिया और हिस्ट्रीशीटर दिलीप वर्मा का नाम भी शामिल है। इन्हीं मुकदमों को रद्द करने की मांग को लेकर यह ‘हल्ला बोल’ प्रदर्शन आयोजित किया गया।
पल्लवी पटेल ने लगाए एकतरफा कार्रवाई के आरोप
धरने के दौरान माहौल उस वक्त और गरमा गया जब विधायक पल्लवी पटेल खुद जमीन पर बैठ गईं। उन्होंने प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया। इस दौरान कुर्मी समाज के लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने सामाजिक एकता पर जोर दिया।
“जब तक समाज एकजुट नहीं होगा, तब तक उसे अधिकार और कुर्सी नहीं मिलेगी।”- पल्लवी पटेल, विधायक
उन्होंने कहा कि किसी भी निर्दोष पर कार्रवाई नहीं होने दी जाएगी और समाज के अधिकारों के लिए लड़ाई जारी रहेगी।
पुलिस ने दिया जांच का आश्वासन
विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही एसपी ग्रामीण बलवंत चौधरी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया। एसपी ने आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और किसी भी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी।
आरोपी दिलीप वर्मा पर दर्ज हैं 51 मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इस मामले में एक आरोपी दिलीप वर्मा एक हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ 51 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इस बीच यह भी चर्चा है कि इस प्रदर्शन के आयोजन के पीछे दिलीप वर्मा की फंडिंग हो सकती है। हालांकि, प्रशासन ने अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।





