UP के बाराबंकी में चंद्रशेखर आजाद ने प्रदेश सरकार पर साधा निशाना, कहा- कानून के राज के दावों के बीच मेरी गाड़ी पर फेंके गए पत्थर

नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने रविवार को बाराबंकी में एक जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि उनके काफिले की गाड़ी पर पत्थर फेंके गए। चंद्रशेखर ने बहुजन समाज से एकजुट होकर मतदान के जरिए सत्ता हासिल करने का आह्वान किया।
Chandrashekhar Azad

बाराबंकी: आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने रविवार को उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर तीखा हमला बोला। बाराबंकी में पार्टी के स्थापना दिवस और कांशीराम जयंती के अवसर पर आयोजित एक जनसभा में उन्होंने दावा किया कि कार्यक्रम में आते समय रास्ते में उनकी गाड़ी पर पत्थर फेंके गए।

शहर के निकट हैदरगढ़ रोड स्थित मजीठा में आयोजित कार्यक्रम में चंद्रशेखर ने कहा, “यह पत्थर मुझ पर नहीं, बल्कि प्रदेश सरकार के उन दावों पर फेंके गए हैं, जिनमें कानून का राज होने की बात कही जाती है।” उन्होंने प्रदेश में हो रही हत्याओं और अपराध की अन्य घटनाओं का जिक्र करते हुए सरकार के दावों पर सवाल खड़े किए।

‘लोकतंत्र में बटन दबाकर होती है चोट’

चंद्रशेखर आजाद ने अपने संबोधन में सामाजिक और राजनीतिक परिवर्तन के लिए मतदान की ताकत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पहले युद्ध तलवारों से लड़े जाते थे, लेकिन आज के लोकतंत्र में ईवीएम का बटन दबाकर चोट की जाती है। उन्होंने बहुजन समाज के लोगों से अपने अधिकारों के लिए जागरूक होने और एकजुट होकर सत्ता हासिल करने का आह्वान किया।

“बहुजन समाज के लोगों को अब राजपाठ हासिल करना है। पहले युद्ध तलवारों से होते थे, लेकिन अब लोकतंत्र में बटन दबाकर चोट की जाती है।”- चंद्रशेखर आजाद, अध्यक्ष, आजाद समाज पार्टी

कांशीराम के मिशन को आगे बढ़ाने का संकल्प

सांसद ने कहा कि बाबासाहेब अंबेडकर का सपना उनके जाने के बाद अधूरा रह गया था, जिसे पूरा करने के लिए कांशीराम ने लंबा संघर्ष किया। उन्होंने दावा किया कि अब आजाद समाज पार्टी उसी मिशन को आगे बढ़ाने का काम कर रही है। चंद्रशेखर ने यह भी कहा कि कुछ लोग उन्हें बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं और यह प्रचार करते हैं कि वह किसी धर्म के खिलाफ हैं। उन्होंने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा, “हमारा पुराना इतिहास देखा जा सकता है। हमने कभी किसी धर्म के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का प्रयोग नहीं किया।”

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