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मणिकर्णिका घाट विवाद: CM योगी का कांग्रेस पर बड़ा हमला, बोले- ‘AI से बना मूर्ति टूटने का वीडियो, यह काशी को बदनाम करने की साजिश’

Written by:Rishabh Namdev
Published:
वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर देवी अहिल्याबाई की मूर्ति टूटने के विवाद पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मूर्ति टूटने का वीडियो AI से बनाया गया है और यह काशी को बदनाम करने की साजिश है, जिसके लिए उन्हें खुद काशी आना पड़ा। सीएम ने आश्वासन दिया कि प्रतिमा पूरी तरह सुरक्षित है।
मणिकर्णिका घाट विवाद: CM योगी का कांग्रेस पर बड़ा हमला, बोले- ‘AI से बना मूर्ति टूटने का वीडियो, यह काशी को बदनाम करने की साजिश’

काशी के मणिकर्णिका घाट पर रानी अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति तोड़े जाने के विवाद ने अब सियासी रूप ले लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वाराणसी पहुंचकर इस पूरे मामले को कांग्रेस की साजिश करार दिया। उन्होंने दावा किया कि मूर्ति टूटने का वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाया गया है और रानी की प्रतिमा पूरी तरह सुरक्षित है, जिसे जीर्णोद्धार के बाद फिर से स्थापित किया जाएगा।

सीएम योगी ने काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद कहा, “यह काशी को बदनाम करने की साजिश है, इसलिए मुझे खुद यहां आना पड़ा। इस साजिश का पर्दाफाश होना चाहिए।” उन्होंने विकास कार्यों की समीक्षा भी की और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। फिलहाल मणिकर्णिका घाट पर चल रहा निर्माण कार्य रुका हुआ है।

AI वीडियो को बताया कांग्रेस का दुष्प्रचार

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह एक गंभीर अपराध है। उन्होंने कहा, “यह कहना कि मंदिर तोड़े गए हैं, इससे ज्यादा बड़ा झूठ नहीं हो सकता। अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा को संरक्षित किया गया है। जब जीर्णोद्धार का काम पूरा हो जाएगा, तब प्रतिमा नए भव्य स्वरूप में दिखेगी।”

“मैं AI से तस्वीर बनाने वालों को चेतावनी देता हूं, इसे कतई स्वीकार नहीं करेंगे। कांग्रेस का यह कृत्य वैसा ही है, जैसे सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली।” — योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री

सीएम ने आगे कहा कि कांग्रेस ने कभी अहिल्याबाई का सम्मान नहीं किया और अब उनके नेता झूठी तस्वीरें फैलाकर लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ कर रहे हैं।

क्या है पूरा विवाद?

यह विवाद 10 जनवरी को शुरू हुआ जब इंदौर के होल्कर ट्रस्ट ने दावा किया कि मणिकर्णिका घाट पर चल रहे विकास कार्यों के दौरान देवी अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति तोड़ दी गई है। इसके बाद सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें और वीडियो वायरल हुए, जिनमें टूटी हुई मूर्तियां मलबे में दबी दिख रही थीं। हालांकि, वाराणसी के DM ने उसी समय इन तस्वीरों को AI जनरेटेड बताया था। इस मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा था।

घाट पर विकास कार्य क्यों जरूरी?

सीएम योगी ने मणिकर्णिका घाट पर चल रहे विकास कार्यों की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में घाट पर गंगा का पानी भर जाता है, जिससे लोगों को गलियों में अंतिम संस्कार करना पड़ता है।

उन्होंने कहा, “सोचिए परिवारों पर क्या गुजरती होगी, जब पानी भरा हो और कोई जीव शव को नोच रहा हो। लोगों को सम्मानजनक तरीके से अंतिम विदाई का हक देने के लिए यह काम हो रहा है।” उन्होंने बताया कि यहां इको-फ्रेंडली शवदाह गृह, लकड़ी भंडारण, वेस्ट मैनेजमेंट और लाइटिंग की व्यवस्था की जा रही है, ताकि बाढ़ के समय भी कोई दिक्कत न हो।

कांग्रेस का पलटवार, कहा- सरकार सच से डर रही

वहीं, यूपी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने योगी सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “मणिकर्णिका घाट से हटाई गई मूर्तियों का निरीक्षण करने जा रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को शांतिपूर्ण ढंग से जाने पर भी गिरफ्तार कर लिया गया। यह भाजपा सरकार की दमनकारी सोच को उजागर करता है।”

अजय राय ने कहा कि सरकार सच दिखाने से डर रही है, लेकिन धरोहर बचाने की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा, “भाजपा सरकार याद रखे, काशी डरेगी नहीं, झुकेगी नहीं। कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक इस अन्याय के खिलाफ संघर्ष करेगी।”