उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने जापान दौरे पर हैं, जहां उन्होंने आर्थिक सहयोग और निवेश को लेकर कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं। टोक्यो में उनकी मुलाकात जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गनाइज़ेशन (JETRO) के चेयरमैन और CEO, इशिगुरो नोरिहिको से हुई। इस दौरान सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश की निवेशक-अनुकूल नीतियों पर प्रकाश डाला।
इस आधिकारिक यात्रा के बीच, मुख्यमंत्री की सात्विक दिनचर्या का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उनके भोजन के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं, जिसमें शुद्ध शाकाहारी और बिना प्याज-लहसुन वाले व्यंजन शामिल हैं।
JETRO के साथ निवेश पर अहम चर्चा
टोक्यो में JETRO के चेयरमैन से मुलाकात के दौरान भारत-जापान आर्थिक सहयोग को मजबूत करने पर विमर्श हुआ। नोरिहिको ने बताया कि भारत के बेहतरीन निवेश माहौल को देखते हुए जापानी कंपनियां यहां अपनी गतिविधियों को बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश को बढ़ते बुनियादी ढांचे और औद्योगिक क्षमता से चलने वाला एक मजबूत ग्रोथ इंजन बताया।
इस पर सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश में मजबूत कानून-व्यवस्था, विशाल लैंड बैंक, फास्ट-ट्रैक क्लीयरेंस और निवेशक-अनुकूल नीतिगत ढांचे के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया, ताकि भारत-जापान औद्योगिक साझेदारी को और गहरा किया जा सके।
जापान में सीएम योगी का सात्विक मेन्यू
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खान-पान की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए जापान में विशेष व्यवस्था की गई है। उनके लिए शुद्ध शाकाहारी और सात्विक भोजन तैयार किया जा रहा है, जिसमें प्याज और लहसुन का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। जापानी शेफ को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
उनके नाश्ते में पारंपरिक जापानी ‘मिसो सूप’ का शाकाहारी संस्करण शामिल है, जिसमें किसी भी मांसाहारी तत्व का प्रयोग नहीं किया गया है। इसके अलावा, पनीर के विकल्प के तौर पर जापानी ‘टोफू’ को भी मेन्यू में विशेष रूप से जगह दी गई है। भोजन को पौष्टिक और हल्का रखने के लिए उबली हुई ताजी सब्जियां और सोया दूध भी परोसा जाएगा। सुबह के समय सीएम योगी हर्बल चाय या गर्म पानी का सेवन करेंगे। जापान स्थित भारतीय दूतावास ने यह पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की है।
‘उगते सूरज की भूमि को नमस्कार’
जापान पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें साझा कीं और एक खास संदेश लिखा। उन्होंने टोक्यो में यामानाशी प्रीफेक्चर के गवर्नर कोटारो नागासाकी और उनके प्रतिनिधिमंडल से भी मुलाकात की।
“उगते सूरज की नवोन्मेषी भूमि को प्रभु श्री राम की पावन धरा के ‘आदित्य’ का नमस्कार।” — योगी आदित्यनाथ
उनकी यह यात्रा उत्तर प्रदेश में जापानी निवेश को आकर्षित करने और दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।






