
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस कर्मियों से भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपनाकर समाज में शांति और सौहार्द स्थापित करने का आह्वान किया। उन्होंने पुलिस को समाज की रीढ़ बताते हुए कहा कि उनकी जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे को बढ़ावा देने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
लखनऊ रिजर्व पुलिस लाइन परिसर में शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि 5,000 वर्ष पहले मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण का अवतरण केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि राष्ट्रीय कर्तव्यों के प्रति प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने पुलिस कर्मियों को इस अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और शिक्षाओं से प्रेरणा लेने का आग्रह किया। सीएम ने कहा कि श्रीकृष्ण के आदर्श पुलिस को न केवल कर्तव्यनिष्ठा, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में मार्गदर्शन करते हैं।
जीवन में अनुसरण जरूरी
मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण के भगवद गीता के उपदेश “कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन” को राष्ट्रीय कर्तव्यों का आधार बताया। उन्होंने कहा कि बाबा साहब भीमराव आंबेडकर ने भी संविधान में नागरिकों के कर्तव्यों को शामिल कर निष्काम कर्म की प्रेरणा दी थी। सीएम योगी ने पुलिस कर्मियों से इस उपदेश को अपने जीवन में उतारने की अपील की, ताकि वे समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकें।
पुलिस की भूमिका को बताया समाज के लिए अहम
योगी आदित्यनाथ ने पुलिस को समाज का अभिन्न अंग बताते हुए उनकी भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुलिस न केवल कानून-व्यवस्था को बनाए रखने में महत्वपूर्ण है, बल्कि समाज में शांति, सौहार्द और एकता स्थापित करने में भी उसका योगदान अनमोल है। मुख्यमंत्री ने पुलिस कर्मियों से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर अपने कर्तव्यों को और अधिक समर्पण के साथ निभाने का संकल्प लेने का आह्वान किया, ताकि प्रदेश में शांति और समृद्धि का माहौल और मजबूत हो।
