नई दिल्ली: बिहार की राजनीति में अहम पकड़ रखने वाले और जनता दल यूनाइटेड (JDU) के दिग्गज नेता रहे केसी त्यागी ने अपने राजनीतिक सफर का एक नया अध्याय शुरू किया है। उन्होंने आज राष्ट्रीय लोकदल (RLD) की सदस्यता ग्रहण कर ली। पार्टी अध्यक्ष जयंत चौधरी की मौजूदगी में हुए इस कार्यक्रम में त्यागी ने साफ कर दिया कि वह किसी पद या चुनाव लड़ने की महत्वाकांक्षा से पार्टी में नहीं आए हैं।
कुछ समय पहले ही केसी त्यागी ने JDU से इस्तीफा दे दिया था। तब उन्होंने पार्टी में संवाद की कमी और विस्तार के अभाव को वजह बताया था। उनके इस्तीफे के बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि वह अपने पुराने समाजवादी साथियों के साथ जा सकते हैं, और RLD में शामिल होना इसी कड़ी का एक हिस्सा माना जा रहा है।
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‘जयंत को चरण सिंह जैसा बनते देखने आया हूं’
RLD में शामिल होने के बाद केसी त्यागी ने अपने इरादे स्पष्ट कर दिए। उन्होंने चौधरी चरण सिंह के दौर को याद करते हुए कहा कि उनका मकसद जयंत चौधरी को उसी कद का नेता बनाना है।
“मैं दोनों सदनों का सदस्य रह चुका हूं, अब मैं एमपी/एमएलए बनने नहीं आया हूं। मैं जयंत चौधरी को चरण सिंह जैसा बनते देखने आया हूं। मैं चाहता हूं कि ऐसा दिन भी आए जब जयंत चौधरी के हाथों देश मे पीएम का मनोनयन हो, जैसा चौधरी चरण सिंह के हाथों मोरारजी का हुआ था।”- केसी त्यागी
उन्होंने आगे कहा, “मेरे बचे हुए समय और अनुभव जयंत को मजबूत करने में लगाऊंगा।” त्यागी ने यह भी दावा किया कि RLD ही मुसलमानों की सच्ची पार्टी है, क्योंकि चौधरी चरण सिंह ने आजाद भारत में यूपी में सबसे ज्यादा मुस्लिम सांसद बनाए थे।
मिशन 2027: यूपी की राजनीति पर नजर
केसी त्यागी का RLD में आना सिर्फ एक पार्टी बदलने की घटना नहीं है, बल्कि इसके तार उत्तर प्रदेश की भविष्य की राजनीति से भी जुड़े हैं। उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा, “मैं चाहता हूं कि 2027 आते-आते रालोद इतना आगे बढ़े की जयंत चौधरी तय करेंगे कि यूपी का मुख्यमंत्री कौन बनेगा।”
यह माना जा रहा है कि JDU से इस्तीफा देने के बाद RLD अध्यक्ष जयंत चौधरी ने खुद केसी त्यागी को पार्टी में शामिल होने का न्योता दिया था, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया।
कौन हैं केसी त्यागी?
किशन चंद त्यागी (केसी त्यागी) मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के रहने वाले हैं। उन्होंने 1970 के दशक में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी। करीब 50 साल के लंबे राजनीतिक करियर में वह 1989 में हापुड़ लोकसभा सीट से सांसद चुने गए थे। उन्होंने कांग्रेस के बुध प्रिया मौर्य को 33,254 वोटों से हराया था। केसी त्यागी को लंबे समय तक बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का करीबी माना जाता था।