“राम को लूटा, देश को लूटा, अच्छे दिन का नारा झूठा..” राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर कपिल सिब्बल का सरकार पर तीखा हमला

अयोध्या राम मंदिर के पवित्र दान में कथित घोटाले पर सियासत गरमा गई है। कपिल सिब्बल ने भाजपा पर निशाना साधा और पीएम मोदी की चुप्पी पर विपक्ष ने सवाल उठाए।
Kapil Sibal

अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के लिए देश भर से आए दान में कथित तौर पर सेंध लगाने वाले आठ लोगों को आखिरकार कानून के शिकंजे में कस लिया गया है। सोमवार को अयोध्या की स्थानीय अदालत ने इन सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जिससे राम मंदिर के पवित्र चढ़ावे में हुए इस कथित घोटाले ने सियासी गलियारों में भूचाल ला दिया है। इस पूरे मामले ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है, जहां विपक्ष ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है।

राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने सोमवार को सीधे तौर पर भाजपा सरकार पर देश को लूटने और भगवान राम के नाम पर भी कथित अनियमितताओं को अंजाम देने का गंभीर आरोप लगाया। सिब्बल ने अपने बयानों में यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘अच्छे दिन’ का नारा भी अब झूठा साबित हो चुका है। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सिब्बल ने भाजपा पर तंज कसते हुए एक पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने लिखा, “इस सरकार को हराओ। राम को लूटा, देश को लूटा, अच्छे दिन का नारा झूठा।” उन्होंने आगे बढ़कर एक भावनात्मक अपील भी की, “ऐसे शासन को तोड़ेंगे, मिलकर देश को जोड़ेंगे, न दिलों का होगा बंटवारा, सबका देश है देश हमारा।” यह बयान ऐसे समय आया है, जब करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े इस मामले में लगातार नई परतें खुल रही हैं।

विपक्ष ने पीएम मोदी की चुप्पी पर खड़े किए सवाल

उधर, विपक्ष ने भी इस पूरे प्रकरण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल खड़े किए हैं और दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। कांग्रेस पार्टी ने भी सरकार से इस गंभीर मुद्दे पर जवाब मांगा है। पार्टी ने कहा है कि यह केवल एक वित्तीय घोटाला नहीं है, बल्कि करोड़ों देशवासियों की आस्था के साथ किया गया विश्वासघात है। कांग्रेस ने याद दिलाया कि राम मंदिर निर्माण को भाजपा ने एक राष्ट्रीय आंदोलन का रूप दिया था और इसी के तहत देशभर से लोगों ने अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार खुलकर दान दिया था। ऐसे में दान में गड़बड़ी की खबरें आना लोगों के भरोसे को तोड़ने वाला है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने तेजी दिखाते हुए कार्रवाई की। मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर, आरोपों की जांच के लिए बीते 13 जून को एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था। इस उच्च स्तरीय जांच दल में लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन जैसे वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे, जिन्हें इस पूरे प्रकरण की गहराई से पड़ताल करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

आठों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया

एसआईटी की गहन रिपोर्ट के आधार पर इस मामले में कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, राम शंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामाशंकर उर्फ टिन्नू यादव के नाम शामिल हैं। ये सभी आरोपी राम मंदिर में दान की गई नकदी और कीमती वस्तुओं की गिनती के काम से सीधे तौर पर जुड़े हुए थे। इनकी गिरफ्तारी के बाद से जांच में और तेजी आने की उम्मीद है। सोमवार को अयोध्या की स्थानीय अदालत ने इन सभी आठों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जिससे आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह मामला अब न केवल एक कथित चोरी का है, बल्कि देश की राजनीति में भी गरमागरम बहस का विषय बन गया है।

Shyam Dwivedi
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Shyam Dwivedi

7 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi →
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