मऊ विधायक अब्बास अंसारी 4 साल में पहली बार यूपी विधानसभा में बोले, स्वास्थ्य व्यवस्था पर बात करते हुए कहा- ‘मेरी मजबूरी समझिए’

उत्तर प्रदेश विधानसभा में गुरुवार को सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के विधायक अब्बास अंसारी को चार साल में पहली बार बोलने का मौका मिला। अपने क्षेत्र मऊ में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का मुद्दा उठाते हुए वह भावुक हो गए और अध्यक्ष से अतिरिक्त समय मांगते हुए कहा कि 'मेरा तो ठिकाना भी नहीं है'।
मऊ विधायक अब्बास अंसारी 4 साल में पहली बार यूपी विधानसभा में बोले, स्वास्थ्य व्यवस्था पर बात करते हुए कहा- 'मेरी मजबूरी समझिए'

उत्तर प्रदेश विधानसभा के सत्र में गुरुवार, 13 फरवरी, 2026 का दिन कई वजहों से यादगार रहा। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के बीच एक ऐसा पल भी आया जब सदन में मौजूद सभी सदस्य कुछ क्षणों के लिए शांत हो गए। यह मौका था जब मऊ से सुभासपा विधायक और मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी अपनी बात रख रहे थे। चार साल में पहली बार सदन को संबोधित करते हुए अब्बास अंसारी भावुक हो गए।

राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चल रही चर्चा के दौरान अब्बास अंसारी को बोलने का अवसर मिला। उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत अपने विधानसभा क्षेत्र मऊ की समस्याओं से की, विशेषकर स्वास्थ्य व्यवस्था की खस्ता हालत पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।

अस्पतालों की बदहाली और डॉक्टरों की कमी का मुद्दा

अब्बास अंसारी ने सदन को बताया कि उनके पूरे क्षेत्र के लिए सिर्फ एक 70 बेड का अस्पताल है, जबकि वहां हर समय 200 से अधिक मरीज भर्ती रहते हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति इतनी गंभीर है कि लोगों को इलाज के लिए दूसरे शहरों में भटकना पड़ता है। उन्होंने अपने क्षेत्र में एक ट्रामा सेंटर की तत्काल आवश्यकता पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि जिले में डॉक्टरों, विशेषकर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की भारी कमी है, जिसके कारण जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खुले नाले भी एक बड़ी समस्या बने हुए हैं, जिससे बीमारियां फैल रही हैं।

जब अध्यक्ष ने टोका तो भावुक हुए अंसारी

जब अब्बास अंसारी बोल रहे थे, तभी उनका निर्धारित समय समाप्त होने लगा। इस पर सदन की अध्यक्षता कर रहे मनोज पांडे ने उन्हें अपनी बात समाप्त करने का संकेत दिया। इसी समय अब्बास अंसारी ने हाथ जोड़कर थोड़ा और समय देने की मार्मिक अपील की।

“मैं मात्र 30 सेकेंड लूंगा सर.. मुझे चार साल में पहली बार मौका मिला है। मेरी मजबूरी को समझिए और मेरा तो ये भी ठिकाना नहीं है कि कब तक बोलने का मौका मिलेगा। आप जानते हैं… इसलिए मेरी बातों को सुन लीजिए..” — अब्बास अंसारी, विधायक, सुभासपा

अब्बास की इस बात ने सदन के माहौल को गंभीर कर दिया। उनकी अपील पर अध्यक्ष मनोज पांडे ने भी नरमी दिखाते हुए कहा, “नहीं, आप आगे भी बोलेंगे..” इसके बाद अब्बास ने अपनी बात पूरी की और डॉक्टरों की कमी के मुद्दे को विस्तार से रखा। चार साल में पहली बार सदन में उनकी आवाज गूंजी, जो अपने क्षेत्र की समस्याओं के साथ-साथ उनकी व्यक्तिगत परिस्थितियों को भी बयां कर गई।

Rishabh Namdev
लेखक के बारे में
Rishabh Namdev

4 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
Follow Us :GoogleNews