उत्तर प्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है, हालांकि 8 जुलाई से बारिश की गतिविधियों में फिर तेजी आने का अनुमान है, जिसके बाद भारी बारिश का दौर शुरू होने की प्रबल संभावना है। रविवार को दो दर्जन जिलों में मेघगर्जन के साथ बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, 1 जून से 4 जुलाई तक 44 मिमी बारिश दर्ज की गई। आमतौर पर इस अवधि में 118 किमी बारिश होनी चाहिए थी लेकिन 4 फीसदी कम रिकॉर्ड की गई है। पूर्वी यूपी में 29 फीसदी कम बारिश हुई। पूर्वी यूपी में अब तक सामान्य से 51% कम और पश्चिमी यूपी में 29% कम बारिश हुई है।
मौसम विज्ञान केन्द्र (IMD), लखनऊ की ताजा दैनिक रिपोर्ट के मुताबिक, चक्रवाती परिसंचरण, ट्रफ और पश्चिमी विक्षोभ के असर से पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 11 जुलाई तक बादलों की आवाजाही के साथ बारिश का दौर जारी रहेगा। 5 से 8 जुलाई तक हल्की से मध्यम और 8 से 11 जुलाई को मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान मेघगर्जन, वज्रपात के साथ 40 से 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने के भी आसार हैं।
राज्य के दक्षिणी भागों में अधिकतम तापमान में 3-5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है। इसके उपरांत आगामी तीन दिनों तक तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है, तत्पश्चात अधिकतम तापमान में 4-6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होगी। अगले चार दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है। इसके उपरांत न्यूनतम तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है।
रविवार को कहां कैसा रहेगा यूपी का मौसम
बादल-बारिश: मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा (गौतमबुद्ध नगर), बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, बरेली, मुरादाबाद, रामपुर, बिजनौर और अमरोहा। इस दौरान मेघगर्जन, वज्रपात के साथ 40 से 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की भी संभावना है।
गर्मी उमस: जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या और अंबेडकर नगर।







