सांसद चंद्रशेखर आजाद ने जनगणना आयुक्त को लिखी चिट्ठी, OBC और विमुक्त जनजातियों की अलग से गणना की मांग की

उत्तर प्रदेश की नगीना लोकसभा सीट से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भारत के जनगणना आयुक्त को एक पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने 2027 में प्रस्तावित राष्ट्रीय जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अनुसूचित जनजाति सूची से बाहर की जनजातियों को अलग से वर्गीकृत करने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने जनगणना को नीति-निर्माण की आधारशिला बताया है।
सांसद चंद्रशेखर आजाद ने जनगणना आयुक्त को लिखी चिट्ठी, OBC और विमुक्त जनजातियों की अलग से गणना की मांग की

आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और नगीना से नवनिर्वाचित सांसद चंद्रशेखर आजाद ने आगामी राष्ट्रीय जनगणना को लेकर एक महत्वपूर्ण मांग उठाई है। उन्होंने भारत के महानिबंधक एवं जनगणना आयुक्त को एक पत्र लिखकर यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया है कि जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और विमुक्त जनजातियों (Denotified Tribes) के आंकड़ों को सटीक और अलग से दर्ज किया जाए।

सांसद ने अपने पत्र में इस बात पर जोर दिया कि जनगणना केवल आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह देश में नीति-निर्माण, संसाधनों के वितरण और लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व का आधार बनती है। उन्होंने कहा कि इसकी विश्वसनीयता और पारदर्शिता राष्ट्रहित में सर्वोपरि है।

OBC और विमुक्त जनजातियों पर विशेष जोर

चंद्रशेखर आजाद ने इस बात पर चिंता जताई कि अब तक की जनगणनाओं में ओबीसी वर्ग को एक अलग श्रेणी के रूप में वर्गीकृत नहीं किया गया है। उन्होंने लिखा कि जाति गणना की पद्धति भी अभी तक घोषित नहीं की गई है। उन्होंने याद दिलाया कि इस मुद्दे को वह 11 फरवरी 2026 को लोकसभा में भी उठा चुके हैं।

इसके अलावा, उन्होंने विमुक्त जनजातियों के साथ हो रहे ऐतिहासिक अन्याय का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “पूर्व जनगणनाओं में जनजातियों का आंकड़ा केवल अनुसूचित जनजाति (ST) सूची तक सीमित रहा है। यदि ST सूची से बाहर की सभी जनजातियों को भी वर्गीकृत एवं दर्ज किया जाए, तो 10 करोड़ से अधिक जनसंख्या वाले विमुक्त जनजाति समुदायों के साथ दशकों से चले आ रहे अन्याय को दूर करने की दिशा में ठोस पहल हो सकेगी।”

धर्म के प्रश्न को बताया संवेदनशील

सांसद आजाद ने पत्र में धर्म से जुड़े आंकड़ों के संग्रहण को एक संवेदनशील विषय बताया। उन्होंने कहा कि मौजूदा सामाजिक-राजनीतिक माहौल में यह और भी जरूरी हो जाता है कि जनगणना प्रक्रिया निष्पक्ष हो।

“वर्तमान सामाजिक-राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में यह और भी आवश्यक हो जाता है कि जनगणना देश के विभिन्न अल्पसंख्यक समूहों की जनसंख्या-धर्म, जाति एवं जनजाति सहित सभी वर्गों का समुचित, सटीक एवं निष्पक्ष अभिलेखन सुनिश्चित करे।” — चंद्रशेखर आजाद, सांसद, नगीना

उन्होंने अपने पत्र के अंत में उम्मीद जताई कि जनगणना का यह महत्वपूर्ण कार्य संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप, पूरी निष्पक्षता और उच्च प्रशासनिक मानकों के साथ संपन्न होगा। उन्होंने इस राष्ट्रीय कार्य की सफलता के लिए अपनी शुभकामनाएं भी दीं।

Banshika Sharma
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मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
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