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महिला दिवस पर सीएम योगी का सख्त संदेश, कहा- बेटियों से अभद्रता की तो यमराज के दूत उसका टिकट काटने के लिए बैठे हैं

Written by:Gaurav Sharma
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राजधानी लखनऊ में आयोजित राज्यस्तरीय महिला दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला सुरक्षा, शिक्षा और रोजगार को सरकार की प्राथमिकता बताया। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के लिए 38.49 करोड़ रुपये डीबीटी से ट्रांसफर किए, 20 महिलाओं को नियुक्ति पत्र दिए और कई योजनाओं की लाभार्थियों को चेक व आयुष्मान कार्ड सौंपे। सीएम ने कहा कि कन्या सुमंगला योजना से करीब 27 लाख बेटियां लाभान्वित हो रही हैं।
महिला दिवस पर सीएम योगी का सख्त संदेश, कहा- बेटियों से अभद्रता की तो यमराज के दूत उसका टिकट काटने के लिए बैठे हैं

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला सुरक्षा और आर्थिक सशक्तीकरण को लेकर कई अहम घोषणाएं और वितरण किए। मंच से उन्होंने कहा कि बेटियों में आत्मविश्वास है, जरूरत उन्हें समान अवसर और सुरक्षित माहौल देने की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अगर किसी शोहदे ने बेटियों से अभद्रता की तो चौराहे पर यमराज के दूत उसका टिकट काटने के लिए बैठे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब कानून का राज स्थापित है और बेटियों की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों के लिए जगह नहीं होगी। उन्होंने अभिभावकों से बेटियों को पढ़ाने की अपील की और कहा कि विकास की धारा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना सरकार की नीति का हिस्सा है।

कन्या सुमंगला से 27 लाख बेटियां लाभान्वित, पुलिस में महिलाओं की संख्या 44 हजार पार

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत प्रदेश की करीब 27 लाख बेटियां लाभ पा रही हैं। उनके अनुसार, बेटी का जन्म दर्ज होते ही योजना के तहत आर्थिक सहायता की प्रक्रिया शुरू हो जाती है, जिससे परिवारों में बेटियों को लेकर सोच बदली है।

उन्होंने महिला भागीदारी के आंकड़े भी रखे। सीएम ने कहा कि 1947 से 2017 के बीच उत्तर प्रदेश पुलिस में महिला कर्मियों की संख्या करीब 10 हजार थी, जो अब बढ़कर 44 हजार से अधिक हो चुकी है। इस बढ़ोतरी को उन्होंने महिला सुरक्षा तंत्र के विस्तार और भर्ती नीति से जोड़ा।

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को 38.49 करोड़ रुपये डीबीटी, रोजगार संगम ऐप लॉन्च

मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के बीमा प्रीमियम और साड़ी/वर्दी मद में कुल 38.49 करोड़ रुपये डीबीटी के जरिए खातों में ट्रांसफर किए। आधिकारिक विवरण के अनुसार, इसमें 29.59 करोड़ रुपये साड़ी-वर्दी और 8.90 करोड़ रुपये बीमा प्रीमियम के लिए अंतरित किए गए।

मंच से नेहा दुबे, मानसी साहू, पूनम तिवारी और मनोरमा मिश्रा को साड़ी दी गई, जबकि सेवा मित्र आकांक्षा (ब्यूटीशियन) और रत्ना भारती को यूनिफॉर्म प्रदान की गई। इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने रोजगार संगम पोर्टल के मोबाइल ऐप का भी शुभारंभ किया।

नियुक्ति पत्र, आयुष्मान कार्ड और नारी शक्ति अवार्ड का वितरण

कार्यक्रम में 20 महिलाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए। श्रम विभाग के माध्यम से सेवायोजित अपूर्वा, अमृता, शिवानी पांडेय, क्रुतुर एन, अमृता वाजपेयी, खुशी कांकर, साक्षी सिंह, अपूर्वा तिवारी, संगीता कुशवाहा और शिवांगी को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। साथ ही 10 नवचयनित मुख्य सेविकाएं कामिनी मौर्य, सुनयना कुमारी, अंजुम फातिमा, रीता वर्मा, स्मृति कपूर, गुंजा गुप्ता, बबिता वर्मा, रूबी मौर्या, श्रद्धा तिवारी और सुमित्रा को भी नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों में सरोजिनी नगर की गुड़िया सिंह, प्रियंका सिंह, सुधा अवस्थी, उमा सिंह और लीलावती को मंच पर आयुष्मान कार्ड दिए गए। मुख्यमंत्री ने सभी चयनित और लाभान्वित महिलाओं को बधाई दी।

इस मौके पर शैलवी शारदा, कीर्ति करमचंदानी, आनंदी अग्रवाल और गीतांजलि को नारी शक्ति अवार्ड से सम्मानित किया गया।

लाभार्थी बालिकाओं से संवाद और उत्कृष्ट कार्य का सम्मान

मुख्यमंत्री ने कन्या सुमंगला योजना की लाभार्थी बालिकाओं शानवी गुप्ता, काव्या कश्यप, नैंसी रावत, साक्षी कुमारी, अभिश्री गुप्ता और शायरा बानो को चेक देकर सम्मानित किया। उन्होंने बच्चियों से बातचीत की और उन्हें उपहार भी दिए।

महिला कल्याण एवं सुरक्षा से जुड़े उत्कृष्ट कार्यों के लिए भी कई कर्मियों को सम्मानित किया गया। महिला कल्याण विभाग की छाया बड़वल (बरेली) और उमैरा मेराज (लखनऊ), महिला सुरक्षा में कार्य करने वाली पुलिस निरीक्षक नीलम राणा, मुख्य आरक्षी वेदवती और शिमला सिंह को प्रशस्ति पत्र दिए गए। बाल विवाह रोकथाम तथा 181 महिला हेल्पलाइन में उत्कृष्ट कार्य के लिए कुमारी नैंसी (फतेहपुर), पायल (बागपत), स्नेहलता और दीप्ति (लखनऊ) को भी सम्मान मिला।

शैक्षणिक उपलब्धि के आधार पर राजकीय गृहों और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से जुड़ी छात्राओं को भी सम्मानित किया गया। इनमें दुर्गा यादव (वाराणसी, हाईस्कूल 85% से अधिक), मोहिनी पाल (लखनऊ, इंटरमीडिएट 82%), स्नेहा यादव (हाईस्कूल 95%), श्रेया अवस्थी (हाईस्कूल 89%), अन्वी शुक्ला (हाईस्कूल 86%), कृतिका शर्मा (इंटरमीडिएट 95%) और प्रांशी (इंटरमीडिएट 88%) शामिल रहीं।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने तीन पुस्तकों का विमोचन भी किया आईसीडीएस के 50 वर्ष पूरे होने पर आधारित आत्ममंथन, मुख्य सेविकाओं की क्षमता वृद्धि हेतु सारथी, और श्रम विभाग के सहयोग से उदिता फाउंडेशन की नवदिशा।

अंत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वाराणसी मंडल की महिलाओं से संवाद किया गया। वाराणसी की सीता देवी, गाजीपुर की प्रमिला देवी, चंदौली की सोनी कुमारी और जौनपुर की दुर्गा मौर्या ने सरकारी योजनाओं और अपने प्रयासों से जीवन में आए बदलाव साझा किए। मुख्यमंत्री ने उनके अनुभव सुनकर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

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