
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुरुवार को 52वीं बार वाराणसी पहुंचे, जहां उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हवाई अड्डे पर उनका भव्य स्वागत किया। पीएम मोदी मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम के साथ द्विपक्षीय वार्ता के लिए काशी आए हैं। इस दौरान दोनों नेता स्वास्थ्य, शिक्षा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, बुनियादी ढांचा, नवीकरणीय ऊर्जा और समुद्री अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। शहर में जगह-जगह भाजपा कार्यकर्ताओं और आम जनता ने फूल बरसाकर प्रधानमंत्री का स्वागत किया।
मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. रामगुलाम 9 से 16 सितंबर तक भारत दौरे पर हैं। बुधवार को वाराणसी पहुंचने पर उनका स्वागत राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने किया। गुरुवार शाम को वे गंगा आरती में शामिल होंगे और शुक्रवार सुबह काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करेंगे। यह दौरा दोनों देशों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगा।
मॉरीशस का प्रतिनिधिमंडल गंगा आरती दर्शन में भाग लेगा
यह पहली बार है जब काशी में किसी राष्ट्राध्यक्ष के साथ पीएम मोदी की औपचारिक द्विपक्षीय वार्ता हो रही है। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि वार्ता के बाद मॉरीशस का प्रतिनिधिमंडल गंगा आरती और काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन में भाग लेगा। इसके साथ ही दोनों देशों के संबंधों पर आधारित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। वाराणसी में सुरक्षा के लिए तीन-स्तरीय व्यवस्था की गई है, जो इस शहर के गणमान्य अतिथियों की मेजबानी के इतिहास को देखते हुए लागू की गई है।
पीएम मोदी का 2014 के बाद 52वां वाराणसी दौरा
भाजपा के स्थानीय नेताओं ने बताया कि यह पीएम मोदी का 2014 के बाद 52वां वाराणसी दौरा है। पार्टी कार्यकर्ता और काशी की जनता हवाई अड्डे से लेकर कार्यक्रम स्थल तक छह चिह्नित स्थानों पर उनका स्वागत करने के लिए उत्साहित थी। इस दौरे को भारत के पड़ोसी देशों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंधों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब क्षेत्र में राजनीतिक अस्थिरता देखी जा रही है।
