Hindi News

दिल्ली शराब घोटाला केस में केजरीवाल के बरी होने पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने BJP पर साधा निशाना, कहा- झूठ से छीनी गई सरकार

Written by:Ankita Chourdia
Published:
दिल्ली के कथित शराब घोटाला मामले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को कोर्ट से राहत मिलने के बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला है। कन्नौज में उन्होंने कहा कि झूठ और बेबुनियाद आरोप लगाकर एक चुनी हुई सरकार को छीन लिया गया।
दिल्ली शराब घोटाला केस में केजरीवाल के बरी होने पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने BJP पर साधा निशाना, कहा- झूठ से छीनी गई सरकार

लखनऊ: दिल्ली के चर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा बरी किए जाने के फैसले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर जोरदार हमला किया है।

कन्नौज में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी को दिल्ली में गरीबों के लिए किए जा रहे अच्छे काम हजम नहीं हो रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि झूठ और गलत आरोपों का सहारा लेकर एक व्यक्ति से उसकी सरकार छीन ली गई।

‘यह नैतिकता का अंत है’

सपा प्रमुख ने कहा, “अब तो अदालत ने भी सब कुछ साफ कर दिया है। कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को निर्दोष करार दिया है।” उन्होंने बीजेपी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे ज्यादा निंदनीय कुछ नहीं हो सकता। यह नैतिकता का अंत है।

“झूठ फैलाकर और आरोप लगाकर एक व्यक्ति से सरकार छीन ली गई। बीजेपी अरविंद केजरीवाल द्वारा गरीबों के लिए किए जा रहे कार्यों को पचा नहीं पाई।”- अखिलेश यादव, अध्यक्ष, समाजवादी पार्टी

इससे पहले भी अखिलेश यादव ने केजरीवाल का समर्थन करते हुए कहा था कि सत्य और न्याय दोनों दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा था कि आरोप कभी इतने बड़े नहीं हो सकते कि वे सच्चाई को ढक दें।

कोर्ट ने सबूतों को अपर्याप्त माना

गौरतलब है कि बीते शुक्रवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कथित शराब घोटाला मामले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को बड़ी राहत देते हुए बरी कर दिया था। कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि केवल आरोपों के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता, खासकर जब जांच एजेंसी द्वारा पेश किए गए सबूत ठोस और पर्याप्त न हों। अदालत ने साक्ष्यों को कमजोर पाते हुए दोनों नेताओं को राहत दी। इस फैसले को आम आदमी पार्टी के लिए एक बड़ी कानूनी और राजनीतिक जीत के तौर पर देखा जा रहा है।

हालांकि, जांच एजेंसी सीबीआई इस फैसले से संतुष्ट नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई के वकील कोर्ट के विस्तृत आदेश का अध्ययन कर रहे हैं और जल्द ही इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दे सकते हैं।

Ankita Chourdia
लेखक के बारे में
Follow Us :GoogleNews