प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण को लेकर उठे विवादों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालिया कड़ी में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने एक बार फिर मंदिर निर्माण ट्रस्ट पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। उन्होंने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय जनता पार्टी पर सीधा हमला बोलते हुए दावा किया कि प्रभु श्रीराम के मंदिर में ‘लूट’ का मामला अब हर जगह चर्चा में है।
संजय सिंह ने याद दिलाया कि उन्होंने ही सबसे पहले 2021 में इस “लूट और चोरी” को उजागर किया था। उनके अनुसार, उस वक्त 2 करोड़ रुपये की जमीन को 18 करोड़ रुपये में खरीदा गया था। इस खरीद-फरोख्त में अनिल मिश्रा का नाम प्रमुखता से सामने आया था, जो खरीदने और बेचने, दोनों प्रक्रियाओं में गवाह रहे। सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि इस जमीन खरीद घोटाले के बाद मंदिर के चढ़ावे की चोरी का मामला भी सामने आया, जिसकी गहराई का पता लगाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि हजारों करोड़ रुपये की चोरी हो गई और फिर गहनों की भी चोरी हुई, लेकिन इसका कोई बड़ा भंडाफोड़ क्यों नहीं हो रहा है।
नजूल की जमीन के सौदे पर AAP सांसद का बड़ा दावा
आप सांसद ने आगे बढ़ते हुए आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण में 40% कमीशन की मांग की जा रही है। उन्होंने कर्नाटक का उदाहरण देते हुए कहा कि इसी 40% कमीशन के नाम पर वहां की सरकार गिर गई थी। संजय सिंह ने जमीन से जुड़े एक और गंभीर आरोप में कहा कि नजूल की जमीन, जिसे न खरीदा जा सकता है और न बेचा जा सकता है, उसे भी 24 करोड़ रुपये में खरीद लिया गया। उन्होंने भाजपा के मेयर के भतीजे का जिक्र करते हुए कहा कि उसने 20 लाख रुपये में जमीन खरीदी और फिर उसे करोड़ों में बेच दिया।
सिंह ने दावा किया कि उन्होंने इस जमीन घोटाले से जुड़े 13 दस्तावेज सार्वजनिक किए थे, जिसके बाद कई दिनों तक मीडिया में खबरें छाई रहीं। उनके अनुसार, जब अरविंद केजरीवाल इस मामले को लेकर अयोध्या पहुंचे, तो आनन-फानन में एक FIR दर्ज की गई। उस FIR में शामिल 8 लोगों को बैंक कर्मचारी बताया गया, लेकिन बाद में पता चला कि वे सभी अनिल मिश्रा और उनके रिश्तेदारों से जुड़े थे।
सीएम योगी को लेकर संजय सिंह का बड़ा बयान
संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर कहा कि “जिन्होंने चंदा नहीं छोड़ा वो आपको भी नहीं छोड़ेंगे, आपको भी हटाएंगे।” उन्होंने सवाल उठाया कि वर्तमान में केवल 40 दिन की चोरी की जांच क्यों की जा रही है, जबकि महिपाल सिंह जैसे व्यक्ति 2020 से चोरी की बात कह रहे हैं। सिंह ने पूछा कि महिपाल सिंह का बयान अब तक दर्ज क्यों नहीं किया गया। उनके मुताबिक, यदि पूरी चोरी की जांच की जाए, तो हजारों दिनों में हजारों करोड़ रुपये का घोटाला सामने आएगा। उन्होंने सीधे सवाल किया कि “क्या ये हजारों करोड़ रुपए चंपत राय और अनिल मिश्रा ने खा लिए?”
संजय सिंह ने मामले में पीएम मोदी की चुप्पी पर उठाए सवाल
आप सांसद ने इस “हजारों करोड़ की लूट” में कई लोगों के शामिल होने का आरोप लगाया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “चंदा चोर पार्टी ने ही ट्रस्ट और SIT बनाई है।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाया, यह कहते हुए कि जब से यह लूट उजागर हुई है, तब से पीएम मोदी के मुंह से एक शब्द भी नहीं निकला है। संजय सिंह ने स्पष्ट किया कि केवल चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे से काम नहीं चलेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूछा कि जो लोग इस चोरी में शामिल हैं, उन पर क्या कार्रवाई की जाएगी।
अयोध्या- श्री राम मंदिर में करोड़ों के चंदा चोरी मामले में पुलिस रिमांड क्यों नहीं ली गई?
चंपत के पास कौन सा राज है जिससे मोदी जी डरते हैं?
मंदिर प्रकोष्ठ बनाकर चंदा चोर पार्टी के सांसदों/विधायकों/मंत्रियों ने देश की जनता से हज़ारों करोड़ रुपये लिया उसकी जाँच कौन करेगा?
अगर…— Sanjay Singh AAP (@SanjayAzadSln) June 28, 2026






