किसानों की सिंचाई लागत को कम करने और उन्हें ऊर्जा के वैकल्पिक साधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर प्रधानमंत्री कुसुम योजना (PM-KUSUM Yojna) के तहत सोलर पंप लगाने को प्रोत्साहित कर रही हैं। इस योजना के तहत किसानों को खेत में सोलर पंप लगवाने के लिए भारी सब्सिडी का लाभ दिया जा रहा है।
बता दें कि वर्ष 2025-26 यूपी के किसानों को 40521 सोलर पंप उपलब्ध कराएगी। सोलर पम्प के लिए बुकिंग प्रक्रिया 26 नवंबर 2025 से शुरू हो गई है। यह प्रक्रिया 15 दिसंबर 2025 तक जारी रहेगी। किसानों को कृषि विभाग की वेबसाइट www.agriculture.up.gov.in पर आवेदन करना होगा। इन सोलर पंपों पर सरकार की ओर से 60 फीसदी तक सब्सिडी दी जा रही है।
ऑनलाइन बुकिंग के साथ 5000 रुपए टोकन मनी के रूप में ऑनलाइन जमा करना होगा। पोर्टल पर जनपदवार 2 HP एवं 3 HP का लक्ष्य सम्मिलित रूप से प्रदर्शित होगा। किसान अपनी आवश्यकतानुसार सोलर पम्प का चयन कर आगे बढ़ सकते हैं। बुकिंग को कंफर्म करने के उपरांत उसका संदेश किसानों को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर पहुंच जायेगा।
बैंक लोन पर 6% ब्याज में राहत
यदि किसान बैंक से ऋण लेकर अपना अंश जमा करते हैं, तो कृषि अवसंरचना निधि (AIF) के अंतर्गत केंद्र व राज्य सरकार कुल 6% ब्याज में छूट प्रदान करेंगे। इससे किसानों पर आर्थिक बोझ और कम होगा।
कितने रुपए तक की मिलेगी छूट
बता दें कि पिछले दिनों कैबिनेट ने इस अवशेष लक्ष्य को चालू वित्तीय वर्ष में पूरा करने का निर्णय लिया था। कृषि विभाग के अनुसार दो HP DC/AC सरफेस पंप पर 98,593 रुपए का अनुदान मिलेगा। दो HP के DC सबमर्सिबल पंप पर 1,00,215 रुपए व AC सबमर्सिबल पंप 99,947 रुपए और तीन HP के DC सबमर्सिबल पंप पर 1,33,621 रुपए व AC सबमर्सिबल पंप पर 1,32,314 रुपए का अनुदान मिलेगा। जबकि पांच HP एसी सबमर्सिबल पंप पर 1,88,038 रुपए और 7.5 HP एसी व 10 HP एसी सबमर्सिबल पंप पर किसानों को अलग-अलग अनुदान के रूप में सर्वाधिक 2,54,983 रुपए का लाभ मिलेगा।
कैसे करें आवेदन?
आधिकारिक वेबसाइट agriculture.up.gov.in पर जाएं।
होमपेज पर जाकर Solar Pump Booking सेलेक्ट करें।
अपनी जानकारी भरें- नाम, पता, जमीन विवरण, पंप का प्रकार आदि।
आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
आवेदन शुल्क के रूप में ₹5000 टोकन मनी जमा करें।
आवेदन को सब्मिट करें।
इसके बाद किसानों को अनुदान के बाद बची अवशेष धनराशि ऑनलाइन जमा करनी होगी। अधिक आवेदन होने पर लाभार्थी का चयन ई-लाटरी के जरिए होगा। कृषि विभाग के मुताबिक सोलर पंप के लिए आठ इंच की बोरिंग अनिवार्य है। यह बोरिंग स्वयं किसान की होगी। सत्यापन के समय बोरिंग न पाए जाने पर टोकन मनी की धनराशि जब्त होगी और आवेदन निरस्त हो सकता है।
किसानों को सस्ते सोलर पंप
बता दें कि पीएम कुसुम योजना के अंतर्गत GST दर में कमी और अनुदान की सुविधा से किसानों को अब सोलर पंप पहले से कहीं अधिक सस्ते मिल सकेंगे। यह कदम किसानों को सिंचाई में आत्मनिर्भर बनाकर उनकी खेती को आर्थिक रूप से अधिक सशक्त करेगा। योजना के संबंध में अधिक जानकारी या मार्गदर्शन के लिए किसान अपने नजदीकी उद्यान विभाग कार्यालय, सहायक कृषि अधिकारी या कृषि पर्यवेक्षक (उद्यानिकी) से संपर्क कर सकते हैं।





