मंगलवार का दिन अयोध्या (Ayodhya) के लिए एक ऐतिहासिक दिन बनने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) 25 नवंबर को अयोध्या में राम मंदिर (Ram Mandir) के शिखर पर ध्वजारोहण करेंगे। राम मंदिर के लिए, खास तौर पर तैयार किए गए इस 22 फीट लंबे और 11 फीट चौड़े ध्वज के माध्यम से मंदिर का निर्माण कार्य पूरा होने का संदेश दिया जाएगा। सभी अतिथियों का आना शुरू हो गया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) भी अयोध्या पहुंच चुके है। इसी के साथ देशभर के प्रमुख साधु-संत और नेता भी रामनगरी में पधार रहे हैं।
SP सांसद अवधेश प्रसाद को नहीं मिला न्योता
इस बीच फैजाबाद से समाजवादी पार्टी सांसद अवधेश प्रसाद ने अपनी अनदेखी का आरोप लगा दिया है। उन्होंने दावा किया है कि उन्हें इस कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण ही नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मंगलवार को भगवान श्रीराम के मंदिर जा रहे हैं। मैं उन्हें बधाई देता हूं। उनका दिल से स्वागत करता हूं।
मुझे उम्मीद है कि उनके आने से यहां जिनके घर तबाह हो गए हैं, उन्हें बसाया जाएगा, जिन किसानों की जमीन ली गई, उन्हें सही मुआवजे का रास्ता खुलेगा, बेरोजगार पढ़े-लिखे नौजवानों को सरकारी नौकरी मिलेगी। मुझे यहां पैदा होने के बावजूद नहीं बुलाया गया। जनता ने मुझे यहां जिताया, तो मुझे कार्ड मिलना चाहिए था।
आगे उन्होंने कहा कि मैंने यह भी सुना है कि बाहर के लोग ज्यादा आ रहे हैं, जबकि लोकल लोगों को मौका नहीं मिला। मैंने जिलाधिकारी से बात की और पूछा कि मेरा कार्ड क्यों नहीं आया। उन्होंने मुझे बताया कि ट्रस्ट वाले कार्ड दे रहे हैं। जिसको वे चाह रहे हैं, उसको बुला रहे हैं। अगर बुलाया गया तो मैं नंगे पैर जाऊंगा। प्रसाद बोले कि अगर मैं बिना आमंत्रण गया तो मुझे बना कार्ड के प्रवेश नहीं देंगे।
उन्होंने कहा कि कार्ड के इंतजार में बैठा हूं, अब तक नहाने नहीं गया। अवधेश प्रसाद ने कहा कि प्रभु श्रीराम के दर्शन करने जाता रहता हूं। कार्यक्रम के लिए प्रभु श्रीराम की जनता के घर से बाहर निकलने पर रोक लगा दी गई है। उन्होंने कहा कि जो बेचारे माला-चंदन बेचकर कुछ पैसे कमा लेते थे, रोटी बनती थी, सबको रोक हो गई है।





