लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा में बजट पर चर्चा के दौरान सदन में भारी हंगामा देखने को मिला। प्रदेश के मत्स्य विभाग मंत्री डॉ. संजय निषाद और समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायकों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जो देखते ही देखते हाथापाई की नौबत तक पहुंच गई। नाराज सपा विधायकों ने वेल में आकर विरोध प्रदर्शन किया और इसी दौरान कुछ सदस्यों ने मंत्री निषाद के हाथ से उनके भाषण के कागज भी छीन लिए।
यह पूरा विवाद उस समय बढ़ा जब मंत्री संजय निषाद ने बजट पर अपनी बात रखते हुए पिछली सपा और कांग्रेस सरकारों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि निषाद समाज ने मुगलों और अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी, लेकिन पिछले 75 सालों से ‘बेईमानों’ (कांग्रेस) से भी लड़ रहे हैं।
‘ये मछुआरों के मगरमच्छ हैं’
डॉ. निषाद ने सपा पर हमला बोलते हुए कहा कि 30 साल की सत्ता में इन लोगों ने मछुआ समाज के लिए एक रुपया भी नहीं दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र की पिछली सरकारों ने 67 साल में पूरे देश के लिए 3000 करोड़ दिए, लेकिन यूपी ने कुछ नहीं दिया। उन्होंने सपा पर तंज कसते हुए कहा, “हमारे विभाग में एक मछुआ पद हुआ करता था, उसे उर्दू अनुभाग में भर्ती कर दिया। क्या निषाद उर्दू पढ़ता है या मछली उर्दू पढ़ती है?”
“ये जो दाहिने बैठे हैं (सपा के लोग), ये मछुआरों के मगरमच्छ हैं। पिछली सरकारों ने नौकरी लूटी, रोजी रोटी लूट ली। केवटवा, मल्लावा और बिंदवा कह कर मारा जाता था।”- डॉ. संजय निषाद, कैबिनेट मंत्री
मंत्री के इन बयानों के बाद सपा विधायकों ने जोरदार विरोध शुरू कर दिया और वेल में आ गए। पीठ की तरफ से मंत्री को अपनी बात खत्म करने के निर्देश दिए जाते रहे, लेकिन वह बोलते रहे।
हाथापाई की नौबत और स्पीकर का हस्तक्षेप
हंगामे के बीच कुछ सपा विधायक मंत्री डॉ. निषाद की मेज की ओर बढ़े और उनके हाथ से कागज छीन लिए। इस घटना के बाद निषाद पार्टी और सपा के विधायकों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। संसदीय कार्य राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने इसे मंत्री पर हमले की कोशिश बताते हुए पीठ से हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने कहा, “यही सपा का आचरण है।” जब विवाद थमता नहीं दिखा तो विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना को अपनी कुर्सी पर आना पड़ा और उन्होंने दोनों पक्षों को शांत कराते हुए सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने की अपील की।
‘नकली पनीर’ वाला किस्सा भी गूंजा
इसी हंगामे के बीच सपा विधायक समरपाल सिंह ने विधानसभा में एक अलग किस्सा सुनाकर सरकार पर कटाक्ष किया। उन्होंने बताया, “हमने एक ढाबे पर बीजेपी विधायक के साथ पनीर मंगा लिया। लेकिन बीजेपी विधायक ने यह कहकर खाने से मना कर दिया कि सब नकली है। हमने कहा कि सरकार तो आपकी है, इसे बंद क्यों नहीं करवाते? तो वह बोले- नकली बंद हो जाएगा तो असली दूध 150 रुपए लीटर हो जाएगा।” इस किस्से पर सदन में ठहाके भी लगे।





