योगी बोले- बुंदेलखंड को हम यूपी के सबसे बड़े औद्योगिक शहर BIDA के रूप में विकसित कर रहे हैं, नहीं होगा पलायन लोग नौकरी मांगने आएंगे

योगी आदित्यनाथ ने कहा मैं आश्वस्त करता हूं कि बुंदेलखंड के विकास और विरासत के संरक्षण के लिए जो भी प्रोजेक्ट शासन के संज्ञान में आएगा, उसको आगे बढ़ाएंगे। बुंदेलखंड को धरती का स्वर्ग बनाने का काम हम लोग करेंगे।
Yogi Adityanath Banda development work inaugurated

Yogi Adityanath Banda development work inaugurated

योगी आदित्यनाथ ने आज बांदा में 710 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 229 विकास परियोजनाओं लोकार्पण व शिलान्यास किए इस दौरान उन्होंने विकास में पिछड़े बांदा के लिए पिछली सरकारों पर निशाना साधा, योगी ने कहा समाजवादी पार्टी के नेताओं को खुद के विकास की चिंता रहती थी जमीनों पर कब्ज़ा करना उनका काम था इसलिए उन्होंने कभी क्षेत्र के विकास पर ध्यान नहीं दिया।

योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को नियुक्ति-पत्र, स्वीकृति-पत्र, चेक, आयुष्मान एवं मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा कार्ड, आवास की चाबी तथा टूल किट भी वितरित किये, उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में आज बुंदेलखंड उत्कृष्ट कनेक्टिविटी से जुड़कर विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है।

बांदा का सजर पत्थर अब कीमती रत्नों में शामिल 

योगी ने कहा पिछले नौ वर्षों में हमारी सरकार ने 9 लाख नौकरियां युवाओं को दी हैं, उन्होंने कहा हमारी सरकार ने हर जिले के प्रोडक्ट को मार्केट दी है जिससे क्षेत्रीय लोगों को भी रोजगार मिला है, बांदा के सजर पत्थर की गिनती अब कीमती रत्नों में हो रही है आज इसकी पहचान देश ही नहीं विदेशों में हो रही है।

बुंदेलखंड को मिल रही BIDA की सौगात 

मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश में एमएसएमई बढ़ी, सुरक्षा का बातावरण बना जिसके कारण प्रदेश में बहुत निवेश आया इसमें भी रोजगार मिला, अब हम हर जिले में इंडस्ट्रियल क्लस्टर बना रहे हैं इसी क्रम में हम बुंदेलखंड को यूपी का सबसे बड़ा औद्योगिक शहर बीडा (BIDA बुंदेलखंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी) देने जा रहे हैं। अब यहां से कोई पलायन नहीं होगा उल्टा लोग यहाँ नौकरी मांगने आएंगे।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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